झारखंड में LPG उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, 7 दिन में नहीं हुई डिलीवरी तो एजेंसी का सिस्टम होगा लॉक

Rupa Kumari | June 9, 2026 | 12:02 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में घरेलू गैस उपभोक्ताओं को समय पर एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सख्त कदम उठाया है। नए निर्देशों के तहत बुकिंग के सात दिनों के भीतर सिलेंडर की डिलीवरी नहीं होने पर संबंधित एलपीजी वितरक (डिस्ट्रीब्यूटर) का सिस्टम लॉक कर दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य गैस वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाना है, ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।

डिलीवरी में देरी पर रुकेगा पूरा कामकाज

मंत्रालय के अनुसार, यदि किसी एजेंसी के यहां सात दिनों से अधिक समय तक सिलेंडर की डिलीवरी लंबित रहती है, तो उसका सिस्टम बंद किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में नई बुकिंग, डिलीवरी और अन्य ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित होंगी। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में यदि डिस्ट्रीब्यूटर देरी का उचित कारण प्रस्तुत करता है, तो तेल कंपनी द्वारा सिस्टम को अस्थायी रूप से अनलॉक किया जा सकता है। लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई जारी रहेगी।

अस्थायी राहत के बाद फिर लागू हुआ नियम

एलपीजी वितरण से जुड़ा यह प्रावधान पहले भी लागू था। लेकिन वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़े प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए तेल कंपनियों ने कुछ समय के लिए डिस्ट्रीब्यूटर्स को राहत दी थी। अब परिस्थितियां सामान्य होने के बाद कंपनियों ने इस नियम को दोबारा सख्ती से लागू करने का फैसला किया है, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर मिल सके। अधिकारियों के मुताबिक, बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाली और लगातार लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर उनका सिस्टम स्थायी रूप से भी बंद किया जा सकता है।

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झारखंड में 50 हजार से अधिक मामले लंबित

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्य में वर्तमान में 50 हजार से अधिक ऐसे मामले हैं, जिनमें एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी सात दिनों से ज्यादा समय से लंबित है। राजधानी रांची में ही ऐसे मामलों की संख्या करीब 7 हजार बताई जा रही है। हालांकि तेल कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के संयुक्त प्रयासों से लंबित मामलों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। बैकलॉग खत्म करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से गैस एजेंसियों की जवाबदेही बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध हो सकेगा। इससे लंबे इंतजार और अनियमित डिलीवरी जैसी समस्याओं में भी कमी आने की उम्मीद है।

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