Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड में खनिजों की खोज और माइन प्लानिंग का तरीका अब आधुनिक तकनीक से बदलने की तैयारी है। राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) की मदद से नए खनिज भंडारों की पहचान की जाएगी। रांची के होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित झारखंड राज्य भूतात्विक कार्यक्रम पर्षद की 30वीं बैठक में खनिज अन्वेषण में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने भू-वैज्ञानिक आंकड़ों के विश्लेषण और नए खनिज क्षेत्रों की पहचान में डिजिटल तकनीक की भूमिका पर अपनी बात रखी। अधिकारियों के मुताबिक, AI की मदद से पुराने और नए भू-वैज्ञानिक डेटा का तेजी से विश्लेषण कर संभावित खनिज क्षेत्रों की पहचान की जा सकेगी।
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कोयले के बाद की अर्थव्यवस्था पर अभी से फोकस
बैठक की अध्यक्षता कर रहे खान सचिव अरवा राजकमल ने कहा कि झारखंड को कोयले पर निर्भर अर्थव्यवस्था के आगे की योजना अभी से तैयार करनी होगी। उन्होंने कहा कि अन्वेषण से लेकर खनन और खनिजों के आर्थिक उपयोग तक पूरी प्रक्रिया को नई तकनीक के अनुरूप विकसित करना जरूरी है। खान सचिव के मुताबिक, दुनियाभर में क्रिटिकल मिनरल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी की अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भी हाल के महीनों में झारखंड के खनिज संसाधनों में रुचि दिखाई है। राज्य में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए लिथियम, यूरेनियम, टाइटेनियम और वैनेडियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की खोज पर विशेष जोर दिया जा रहा है। AI और मशीन लर्निंग के जरिए उपलब्ध भू-वैज्ञानिक आंकड़ों को बेहतर तरीके से समझने और संभावित खनिज भंडारों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।

15 प्रमुख मिनरल ब्लॉक नीलामी के लिए तैयार
पर्षद के सचिव सह भूतत्व निदेशक अमिताभ कुमार ने बताया कि सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद राज्य के 15 प्रमुख खनिज ब्लॉकों को नीलामी के लिए तैयार कर लिया गया है। इन ब्लॉकों में अलग-अलग जिलों के लाइमस्टोन, गोल्ड, कॉपर, बेस मेटल और आयरन ओर ब्लॉक शामिल हैं। नीलामी के लिए तैयार प्रमुख ब्लॉकों में रांची का चुरी लाइमस्टोन ब्लॉक, रामगढ़ के हरिहरपुर-लेम-बिचा और पियरतांड़ लाइमस्टोन ब्लॉक शामिल हैं। पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के गोल्ड ब्लॉक भी नीलामी प्रक्रिया में शामिल किए गए हैं। इसके अलावा गिरिडीह का बरगंडा कॉपर तथा गंसासार-लुप्पी बेस मेटल ब्लॉक भी नीलामी के लिए तैयार है। पश्चिमी सिंहभूम के घटकुरी आयरन ओर ब्लॉक-I, घटकुरी आयरन ओर ब्लॉक-II और बंधबुरू आयरन ओर ब्लॉक को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
नई तकनीक से तेज होगी खनिज खोज
झारखंड खनिज संपदा के मामले में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल है। अब सरकार की कोशिश है कि पारंपरिक अन्वेषण के साथ AI और डेटा आधारित तकनीकों का इस्तेमाल कर नए भंडारों की खोज को तेज किया जाए। खास तौर पर क्रिटिकल मिनरल्स की बढ़ती वैश्विक मांग को देखते हुए लिथियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की खोज राज्य की प्राथमिकताओं में शामिल हो गई है। 15 खनिज ब्लॉकों की नीलामी की तैयारी और आधुनिक तकनीक से नए भंडारों की खोज को झारखंड में खनिज क्षेत्र के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Reporter | Samachar Post


