सुरक्षा वापसी के बाद पटना में सियासी बवाल, राबड़ी आवास पर बढ़ा तनाव

Rupa Kumari | June 6, 2026

Samachar Post रिपोर्टर, बिहार : राबड़ी देवी के पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड आवास से सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। घटना के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में आवास के बाहर जुट गए और सुरक्षा के तौर पर मोर्चा संभालते नजर आए। स्थिति उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गई जब कई कार्यकर्ता लाठी-डंडों के साथ गेट पर तैनात दिखे। वहीं पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव आवास के बाहर कुर्सी लगाकर मौजूद रहे, जिससे माहौल राजनीतिक रूप से और गर्म हो गया।

राजद ने बताया राजनीतिक साजिश

राजद नेताओं ने सरकार के इस फैसले को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। उनका कहना है कि सुरक्षा में कटौती और सरकारी आवास को लेकर लगातार उठाए जा रहे कदम लालू-राबड़ी परिवार को निशाना बनाने की कोशिश हैं। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि अब कार्यकर्ता ही परिवार का “सुरक्षा कवच” बनेंगे। इस बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी सुरक्षा वापस कर दी है, जिससे मामला और तूल पकड़ गया है। कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर राजद का समर्थन किया है। कांग्रेस प्रवक्ता असितनाथ तिवारी ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री को उच्च स्तरीय सुरक्षा प्राप्त है तो विपक्षी नेताओं की सुरक्षा में कटौती क्यों की जा रही है।

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सत्ता पक्ष का पलटवार

वहीं सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था का निर्धारण एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर किया जाता है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है। जेडीयू ने भी तंज कसते हुए कहा कि यदि सुरक्षा पर आपत्ति है तो अन्य सरकारी सुविधाएं भी छोड़ दी जानी चाहिए। पार्टी का आरोप है कि राजद इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रही है।

बिहार की सियासत में बढ़ा टकराव

सुरक्षा श्रेणी में बदलाव और आवास से जुड़ी कार्रवाई के बाद यह मामला अब पूरी तरह राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। राजद इसे सम्मान और सुरक्षा से जोड़कर जनता के बीच ले जा रही है, जबकि एनडीए दल इसे राजनीतिक प्रदर्शन बता रहे हैं।

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