14वीं JPSC परीक्षा विवाद: प्रदर्शन, CID जांच और चेयरमैन का इस्तीफा; जानिए अब तक क्या-क्या हुआ

Rupa Kumari | July 22, 2026 | 03:27 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच बुधवार को राजधानी रांची में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पार कर जेपीएससी कार्यालय के मुख्य गेट तक पहुंच गए और वहां धरना देकर सरकार व आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। इससे पहले 21 जुलाई को भी रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों में अभ्यर्थियों और राजनीतिक संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया था। परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठे सवालों ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।

परीक्षा में अनियमितता के आरोपों से बढ़ा विवाद

14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद कई अभ्यर्थियों और संगठनों ने परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि परीक्षा संचालन का जिम्मा ऐसी एजेंसी को दिया गया, जिसे पहले ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था। इसके अलावा सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर एक कथित ओएमआर शीट का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि कम अंक प्राप्त करने वाले एक अभ्यर्थी को सफल घोषित कर दिया गया। इन आरोपों के सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई।

CID और रांची पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

विवाद के बीच मंगलवार को CID और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने जेपीएससी कार्यालय में जांच कार्रवाई की। सूत्रों के अनुसार, टीम ने परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की। इस दौरान सहायक परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता सहित कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की सूचना सामने आई। बताया जा रहा है कि परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी के कार्यालय पर भी कार्रवाई की गई है। हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से अब तक विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

JPSC चेयरमैन एल खियांग्ते ने दिया इस्तीफा

परीक्षा विवाद और जांच के बीच जेपीएससी अध्यक्ष एल खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस्तीफा व्यक्तिगत कारणों से दिया गया है या सरकार की ओर से कोई दबाव था। सरकार की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मामले को लेकर सरकार और जांच एजेंसियों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने CID की कार्रवाई को केवल दिखावा बताते हुए आरोप लगाया कि वास्तविक जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही उन्होंने जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ और सबूत नष्ट किए जाने की आशंका भी जताई है।

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हाईकोर्ट में भी पहुंचा मामला

14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा परिणाम रद्द करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मामले पर अदालत में सुनवाई जारी है और अभ्यर्थियों की नजर अब न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई है। जांच एजेंसियों की कार्रवाई, राजनीतिक दबाव, विरोध प्रदर्शन और जेपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है। अब सभी की नजर CID जांच, सरकार के अगले कदम और हाईकोर्ट की सुनवाई पर है, जो इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकती है।

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