Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : मिहिजाम नगर परिषद क्षेत्र में जिला परिषद द्वारा नवनिर्मित दुकानों के आवंटन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करते हुए बेरोजगार युवाओं और स्थानीय आवेदकों ने खुली नीलामी (डाक प्रणाली) को जारी रखने की मांग की है।इस संबंध में आवेदकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जामताड़ा उपायुक्त (DC) को लिखित आवेदन सौंपा है। आवेदन की प्रतिलिपि उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को भी भेजी गई है।
20 दुकानों के आवंटन पर चल रही प्रक्रिया
जानकारी के अनुसार, जिला परिषद जामताड़ा द्वारा विज्ञापन संख्या PR 380120 District (26-27)_D के तहत मिहिजाम में पानी टंकी के पास स्थित 20 नवनिर्मित दुकानों के आवंटन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। आवेदन की अवधि 20 मई से 30 मई 2026 तक निर्धारित थी। प्रत्येक दुकान के लिए ₹20,000 की सुरक्षा राशि (बैंक ड्राफ्ट के रूप में) और ₹1,400 मासिक किराया तय किया गया था। विज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि आवंटन प्रक्रिया ‘डाक’ यानी खुली नीलामी के माध्यम से की जाएगी।
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प्रक्रिया में हस्तक्षेप के आरोप
स्थानीय आवेदकों ने कुछ प्रभावशाली लोगों पर आवंटन प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पारदर्शी नीलामी व्यवस्था से गरीब और छोटे व्यवसायी भी अवसर प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन कुछ रसूखदार लोग प्रक्रिया को बदलवाने का प्रयास कर रहे हैं। आवेदकों का आरोप है कि पूर्व में भी 10 वर्ष पहले दुकानों के आवंटन के दौरान उचित प्रचार-प्रसार नहीं होने से कई स्थानीय लोग अवसर से वंचित रह गए थे। इस बार भी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
पारदर्शिता की मांग
आवेदकों और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि निर्धारित नियमों के अनुसार खुली नीलामी प्रक्रिया को ही लागू किया जाए। उनका कहना है कि इससे न केवल राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि वास्तविक जरूरतमंदों को स्वरोजगार का अवसर भी मिलेगा। फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और प्रशासन के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।