Samachar Post रिपोर्टर, रांची: स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के बीच एंबुलेंस घोटाले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा ने मंत्री इरफान अंसारी को चुनौती देते हुए कहा है कि यदि उनमें हिम्मत है तो वे तुरंत बाबूलाल मरांडी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं, ताकि इसी बहाने कथित एंबुलेंस घोटाले की फाइल भी खुल सके।
ईडी कार्रवाई को लेकर भाजपा का जवाब
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने कहा कि जनता को भी यह जानने का अधिकार है कि सेवा के नाम पर आखिर क्या-क्या गड़बड़ियां हुई हैं। उन्होंने कहा कि ईडी बिना किसी आधार के कार्रवाई नहीं करती। पहले एफआईआर दर्ज होती है, फिर एजेंसी ईसीआईआर दर्ज कर जांच आगे बढ़ाती है। इसके बाद ही खातों और लेन-देन की परतें खुलती हैं। अजय शाह ने मंत्री इरफान अंसारी पर निशाना साधते हुए कहा कि कहीं ऐसा न हो कि दूसरों के लिए खोदा गया गड्ढा खुद उनके दरवाजे तक पहुंच जाए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच पोस्टर और बयानबाजी से नहीं, बल्कि दस्तावेज, पैसों के लेन-देन और हस्ताक्षरों से सामने आती है। जनता लंबे समय से केवल आरोप-प्रत्यारोप सुन रही है, अब वास्तविक रिकॉर्ड सामने आने चाहिए।
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बाबूलाल के आरोपों पर मंत्री का पलटवार
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हाल ही में भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्वास्थ्य विभाग में एंबुलेंस घोटाले, दवा खरीद में गड़बड़ी और प्रोक्योरमेंट कंसल्टेंट की नियुक्ति में अनियमितता का आरोप लगाया था। उन्होंने महालेखाकार की प्रारंभिक ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। साथ ही कहा था कि यदि वर्तमान सरकार जांच नहीं कराती है तो भविष्य में भाजपा सरकार बनने पर केंद्रीय एजेंसी से इसकी जांच कराई जाएगी। वहीं, इन आरोपों पर पलटवार करते हुए स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बाबूलाल मरांडी के आरोपों को बेबुनियाद बताया था। उन्होंने कहा था कि यदि बाबूलाल मरांडी एक सप्ताह के भीतर अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।