Samachar Post रिपोर्टर, रांची: रांची यूनिवर्सिटी में क्लस्टर सिस्टम को लेकर छात्रों का विरोध तेज हो गया है। गुरुवार को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों का आरोप है कि उनकी राय लिए बिना नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है, जिससे पढ़ाई और अधिक मुश्किल हो सकती है।
क्या है छात्रों की चिंता
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि क्लस्टर सिस्टम लागू होने के बाद अलग-अलग विषयों की क्लास के लिए छात्रों को एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज जाना पड़ सकता है। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होगी। छात्र नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय पहले से ही कई समस्याओं से जूझ रहा है। शिक्षकों की कमी, बुनियादी सुविधाओं का अभाव और शैक्षणिक सत्र में देरी जैसी परेशानियां पहले से बनी हुई हैं। ऐसे में नई व्यवस्था छात्रों पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती है।
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ग्रामीण छात्रों की बढ़ सकती है परेशानी
छात्रों ने कहा कि रांची यूनिवर्सिटी में बड़ी संख्या में ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थी पढ़ते हैं। उनके लिए रोज अलग-अलग कॉलेजों में जाकर क्लास करना आसान नहीं होगा। आवागमन, खर्च और सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर भी छात्रों ने चिंता जताई है।
कुलपति ने छात्रों से की बातचीत
प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ. सरोज शर्मा मौके पर पहुंचीं और छात्रों से बातचीत की। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और आपत्तियों को संबंधित विभाग तक पहुंचाया जाएगा। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर ही फैसला लेगा। साथ ही लंबित रिजल्ट जारी करने और शैक्षणिक सत्र को नियमित करने की दिशा में भी काम किए जाने की बात कही गई। फिलहाल क्लस्टर सिस्टम को लेकर छात्रों का विरोध जारी है। छात्र संगठनों ने साफ कहा है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।