Samachar Post रिपोर्टर, रांची: रांची यूनिवर्सिटी में कुलपति नियुक्ति को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब इस मामले में आदिवासी छात्र संघ भी खुलकर सामने आ गया है। छात्र संगठन ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। संगठन ने दावा किया है कि कुलपति नियुक्ति से जुड़े कथित आपराधिक मामलों के दस्तावेज भी राज्यपाल को सौंपे गए हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है।
पारदर्शी जांच की मांग
छात्र संगठन का कहना है कि विश्वविद्यालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। यदि किसी नियुक्ति को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर संगठन के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की। छात्र नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक नियुक्ति का मामला नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की साख और छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
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दस्तावेज सौंपने का दावा
आदिवासी छात्र संघ का दावा है कि उन्होंने राज्यपाल को ऐसे दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं, जिनमें कथित आपराधिक मामलों का उल्लेख है। संगठन का कहना है कि इन आरोपों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। हालांकि फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। रांची यूनिवर्सिटी पिछले कुछ समय से विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा में रहा है। शैक्षणिक सत्र में देरी, छात्र संघ चुनाव और प्रशासनिक फैसलों को लेकर पहले भी छात्र संगठनों ने नाराजगी जताई है। अब कुलपति नियुक्ति को लेकर उठे नए विवाद ने विश्वविद्यालय का माहौल और गर्म कर दिया है।
छात्रों ने जताई चिंता
छात्र संगठनों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन में स्थिरता और भरोसा होना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा असर पढ़ाई, परीक्षा और रिजल्ट पर पड़ता है। उनका कहना है कि यदि नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर लगातार विवाद बना रहेगा, तो इसका असर पूरे शैक्षणिक माहौल पर पड़ सकता है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।