Samachar Post रिपोर्टर, गुमला: गुमला में भारत माला परियोजना के तहत प्रस्तावित सड़क निर्माण का विरोध तेज हो गया है। गुमला से करीब आठ किलोमीटर दूर लटठा बरटोली गांव में ग्रामीणों ने अपनी कृषि भूमि पर सड़क निर्माण कार्य रुकवा दिया। विरोध कर रहे लोगों ने निर्माण में लगी गाड़ियों को वापस लौटा दिया और निर्माण स्थल पर धान का बिचड़ा छिड़ककर अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण स्थल पर बैरिकेडिंग कर बीच सड़क पर तिरंगा झंडा भी फहरा दिया। इलाके में विरोध प्रदर्शन के कारण निर्माण कार्य फिलहाल ठप हो गया है।
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टाना भगत समाज भी आंदोलन में शामिल
आंदोलन में महात्मा गांधी और स्वतंत्रता सेनानी जतरा टाना भगत के अनुयायी बड़ी संख्या में शामिल हुए। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन पर सड़क बनाई जा रही है, वह उनके पूर्वजों की धरोहर है। टाना भगत समाज के लोगों के मुताबिक यह जमीन उनके परिवारों को करीब वर्ष 1800 के आसपास मिली थी और पीढ़ियों से इसी पर खेती कर परिवारों की आजीविका चल रही है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि वे अपनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। आंदोलनकारियों का कहना है, “धरती हमारी मां है और हम अपनी मां को उजड़ने नहीं देंगे।” उनका आरोप है कि सरकार पहले से मौजूद सड़क का चौड़ीकरण करने के बजाय नई सड़क बनाकर उपजाऊ कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा रही है।
पलायन का खतरा जताया
ग्रामीणों का कहना है कि यदि खेती की जमीन सड़क निर्माण में चली गई तो आने वाली पीढ़ियां खेती से वंचित हो जाएंगी और रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर होंगी। लोगों ने बताया कि सड़क निर्माण प्रस्ताव आने के समय से ही वे इसका विरोध कर रहे थे, लेकिन उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
पुरानी सड़क चौड़ी करने की मांग
ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि गुमला से रायडीह होते हुए छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाली मौजूदा सड़क का ही चौड़ीकरण किया जाए। उनका कहना है कि नई सड़क के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन और आजीविका को नुकसान पहुंचाना गरीब ग्रामीणों के साथ अन्याय है। ग्रामीणों के विरोध के बाद फिलहाल संबंधित स्थल पर सड़क निर्माण कार्य रोक दिया गया है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।