Samachar Post रिपोर्टर,पलामू :पलामू जिले के पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में मरीजों से अवैध वसूली के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इलाज और प्रसव कराने के नाम पर पैसे मांगने की शिकायत के बाद जांच कराई गई, जिसमें कई आरोप सही पाए गए। इसके बाद डॉक्टर, एएनएम और अन्य कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की गई है।
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महिला से ₹10 हजार मांगने का आरोप
मामला तब सामने आया जब एक महिला मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रसव कराने और इलाज के नाम पर उनसे ₹10,000 तक की मांग की गई। शिकायत में कहा गया कि पैसे नहीं देने पर मरीज को परेशान किया गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अस्पताल में अवैध वसूली की शिकायतें पहले भी मिल चुकी थीं और यह लंबे समय से चल रहा था।
जांच रिपोर्ट में सामने आईं कई अनियमितताएं
प्रशासन द्वारा गठित जांच टीम की रिपोर्ट में कई गंभीर बातें सामने आईं। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रसव के नाम पर मरीजों से पैसे मांगे जा रहे थे। कुछ एएनएम पर अवैध वसूली के आरोप सही पाए गए। इसके अलावा ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर पर बिना उचित जांच किए मरीज को रेफर करने का भी आरोप लगा, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई।
डॉक्टर और एएनएम पर कार्रवाई
जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आयुष चिकित्सक डॉ. शिवसकल के सेवा विस्तार पर रोक लगा दी और उनके अनुबंध समाप्त करने की अनुशंसा की है। वहीं एएनएम नैना कुमारी, श्वेतलाना और नीता कुजूर की सेवाएं समाप्त करने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी की सेवा खत्म करने का आदेश भी जारी किया गया है।
प्रशासन ने दिया सख्त संदेश
प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों से अवैध वसूली और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद इस मामले में तेजी से कार्रवाई की गई।
ग्रामीणों में नाराजगी
घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि गरीब और जरूरतमंद लोग इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों का सहारा लेते हैं, लेकिन अगर वहां भी पैसे मांगे जाएंगे तो आम लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी।
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