कागजों में रजिस्टर्ड अस्पताल, अंदर चल रहा था मौत का खेल, SDM की रेड से खुली पोल

Meenu | May 5, 2026 | 11:13 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर,गढ़वा :गढ़वा जिले के चिनिया रोड स्थित आशा किरण अस्पताल में SDM की छापेमारी ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी। सदर एसडीएम संजय कुमार की अगुवाई में हुई कार्रवाई में सामने आया कि अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर चल रहा था और मरीज भर्ती थे, लेकिन मौके पर कोई जिम्मेदार डॉक्टर मौजूद नहीं था।

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कागजों में सही, जमीन पर गंभीर लापरवाही

जांच में खुलासा हुआ कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन कागजों पर तो वैध दिखाया गया, लेकिन असल स्थिति बेहद चिंताजनक थी। जिस डॉक्टर के नाम पर अस्पताल रजिस्टर्ड है, वह पहले से ही सरकारी सेवा में कार्यरत हैं, जिससे उनकी मौजूदगी अस्पताल में संभव ही नहीं थी। इसके बावजूद यहां बिना विशेषज्ञ डॉक्टर के सर्जरी की जा रही थी, जिससे मरीजों की जान जोखिम में डाली जा रही थी।

बिना योग्यता के इलाज, रिकॉर्ड भी गायब

छापेमारी के दौरान कई चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आईं। अस्पताल के लेटर पैड पर ‘बी. कुमार’ और ‘एम. सिंह’ जैसे नाम मिले, लेकिन उनकी डिग्री या योग्यता का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। इसके अलावा फरवरी के बाद से मरीजों का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं रखा गया था। अस्पताल परिसर में चल रही दवा दुकान का भी वैध लाइसेंस नहीं मिला।

ऑपरेशन थिएटर की हालत बेहद खराब

अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर भी अव्यवस्थित और अस्वच्छ पाया गया। वहां न तो उचित साफ-सफाई थी और न ही प्रशिक्षित स्टाफ की मौजूदगी। सर्जरी के बाद मरीजों की देखभाल के लिए भी कोई योग्य डॉक्टर उपलब्ध नहीं था, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

प्रशासन सख्त, कार्रवाई के निर्देश

एसडीएम संजय कुमार ने इस पूरे मामले को केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक लापरवाही बताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई के लिए सिविल सर्जन को निर्देश दिए गए हैं। इस खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोग अब निजी अस्पतालों की कार्यशैली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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