Samachar Post रिपोर्टर, सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। मोबाइल टॉर्च की रोशनी में प्रसव कराने की कोशिश के दौरान जच्चा और नवजात दोनों की मौत हो गई, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मौजूद थे संसाधन, फिर भी नहीं हुआ इस्तेमाल
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अस्पताल में सोलर सिस्टम, इन्वर्टर और जनरेटर जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाएं मौजूद थीं, लेकिन उनका उपयोग नहीं किया गया। यह लापरवाही इस दर्दनाक हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है।
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जनरेटर खराब, बैटरियां भी थीं डिस्चार्ज
जांच के दौरान पाया गया कि सोलर और इन्वर्टर की बैटरियां चार्ज नहीं थीं, जबकि जनरेटर लंबे समय से खराब पड़ा था। सबसे गंभीर बात यह रही कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. शिवशंकर कुंकल मौके पर मौजूद नहीं थे।
उच्च स्तरीय जांच के आदेश
घटना की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त के निर्देश पर जांच शुरू की गई। अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश के नेतृत्व में टीम ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जांच के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह गंभीर लापरवाही का मामला है। अधिकारियों ने जनरेटर के रखरखाव और खर्च की भी जांच के निर्देश दिए हैं।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।