Samachar Post रिपोर्टर,रांची :राजधानी रांची में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए प्रस्तावित फ्लाईओवर परियोजना अब जमीन अधिग्रहण के अहम चरण में पहुंच गई है। प्रशासन ने मुआवजा प्रक्रिया तेज कर दी है, लेकिन कई प्रभावित लोग अब तक दावा नहीं कर पाए हैं, जिससे परियोजना की रफ्तार प्रभावित हो रही है।
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सिरमटोली से मेकोन और कोकर तक बनेगा फ्लाईओवर
यह फ्लाईओवर सिरमटोली से सिरमटोली से मेकोन और कोकर से योगदा सत्संग आश्रम तक बनाया जाना है। इसके पूरा होने के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। जिला भू-अर्जन कार्यालय के अनुसार, इस परियोजना के तहत मौजा कोनका और सिरम की जमीन अधिग्रहित की जा रही है। इसमें नगर निगम के वार्ड 04, 05 और 06 के कई रैयतों की जमीन और मकान शामिल हैं। इस प्रक्रिया से कई परिवारों और छोटे व्यवसायों पर असर पड़ रहा है।
नोटिस के बावजूद आवेदन नहीं, भुगतान अटका
प्रशासन का कहना है कि प्रभावित लोगों को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने अब तक मुआवजा लेने के लिए आवेदन नहीं किया है। इसके कारण करोड़ों रुपये का भुगतान लंबित है और परियोजना की गति धीमी हो रही है।
10 मई अंतिम तारीख, नहीं किया दावा तो राशि होगी जमा
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रभावित लोग 10 मई 2026 तक अपने आवेदन, बैंक विवरण और जरूरी दस्तावेज जमा कर दें। तय समय के बाद यदि दावा नहीं किया गया, तो मुआवजा राशि सरकारी खजाने में रेवेन्यू डिपॉजिट के रूप में जमा कर दी जाएगी। रांची में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सिरमटोली, मेकोन और कोकर जैसे इलाकों में अक्सर जाम की समस्या रहती है, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। फ्लाईओवर बनने के बाद आवागमन आसान और तेज हो जाएगा।
प्रशासन की अपील: समय पर करें मुआवजा दावा
प्रशासन ने सभी प्रभावित रैयतों से अपील की है कि वे समय सीमा के भीतर मुआवजा क्लेम करें। अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना शहर के विकास के लिए जरूरी है और इसमें सभी का सहयोग अपेक्षित है।
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