Samachar Post रिपोर्टर, रांची :झारखंड में स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक (PGT) नियुक्ति 2023 से जुड़े दोहरी डिग्री विवाद पर अहम सुनवाई पूरी हो गई है। झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह मामला विज्ञापन संख्या 02/2023 (नियमित) और 03/2023 (बैकलॉग) के तहत हो रही नियुक्तियों से जुड़ा है।
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दस्तावेज सत्यापन में उठा था विवाद
विवाद की शुरुआत JSSC द्वारा दस्तावेज सत्यापन के दौरान उठाई गई आपत्ति से हुई। आयोग ने उन अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द कर दी थी, जिन्होंने एक ही सत्र में दो अलग-अलग डिग्रियां हासिल की थीं। प्रभावित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया और आयोग के निर्णय को चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने दलील दी कि आयोग का फैसला UGC के दिशा-निर्देशों के विपरीत है।
334 अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में
इस भर्ती प्रक्रिया में 8 विषयों के 334 अभ्यर्थियों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पहले ही पूरा हो चुका है। इसके बावजूद अंतिम चयन सूची जारी नहीं होने और नियुक्ति में देरी से उम्मीदवारों में नाराजगी बढ़ रही है।
फरवरी से लंबित है प्रक्रिया
आयोग ने फरवरी 2026 में सफल अभ्यर्थियों की सूची जारी की थी और उसी महीने सत्यापन प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी। हालांकि, दो महीने बीत जाने के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया लंबित है और अब सभी की नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।
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