15 साल बाद राजहरा कोलियरी में लौटी रौनक, रोड सेल शुरू; शुल्क विवाद से अटका कोयला उठाव

Samachar Post रिपोर्टर, राजहरा: करीब 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद राजहरा कोलियरी में फिर से गतिविधियां शुरू हो गई हैं। शनिवार से यहां कोयले का रोड सेल शुरू किया गया, जिससे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। वर्षों बाद ट्रकों की आवाजाही शुरू होने से स्थानीय लोगों में खुशी देखी गई। कोलियरी प्रबंधन ने कुल 60 हजार टन कोयला डिस्पैच का प्रस्ताव भेजा था, जिसमें से लगभग 25 हजार टन की स्वीकृति मिल चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक इस पहल को सफल बनाने में परियोजना पदाधिकारी विनोद कुमार दीपक और माइंस मैनेजर एम.एम. चतुर्वेदी की अहम भूमिका रही। स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और कोल मंत्रालय के सहयोग से रोड सेल शुरू हो सका।

शुल्क विवाद से लोडिंग प्रभावित

उत्साह के बीच शुल्क निर्धारण को लेकर विवाद सामने आ गया। दिनभर दर्जनों ट्रक अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन स्थानीय समिति के साथ सहमति नहीं बनने से कोयला लोडिंग शुरू नहीं हो सकी। देर शाम बातचीत के बाद 2 से 3 ट्रकों में ही कोयला लोड होने की सूचना मिली।

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यूनियन ने बताया नए दौर की शुरुआत

आरसीएमयू के राजहरा एरिया सचिव के.एन. पांडेय ने इसे क्षेत्र के लिए नए दौर की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बंद पड़ी गतिविधियां फिर शुरू होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों में नाराजगी

डीओ होल्डरों और व्यापारियों का आरोप है कि समिति के नाम पर अधिक राशि की मांग की जा रही है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। ट्रांसपोर्टरों ने भी इसे अनुचित बताते हुए कोयला उठाव से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस विवाद का समाधान नहीं करते, तब तक लोडिंग कार्य सुचारू रूप से शुरू नहीं होगा।

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