Samachar Post डेस्क, बिहार :बिहार के मधुबनी जिले के बाबूबरही प्रखंड के बलिराजगढ़ में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा की गई खुदाई में करीब 2500 साल पुराने शुंग-कुषाण काल के अवशेष मिले हैं। खुदाई के दौरान प्राचीन ईंटों से बनी विशाल दीवारें और किले के अवशेष पाए गए। उत्तरी हिस्से से मिट्टी के बर्तन, मनके और ईंटों की संरचनाएं मिली हैं, जबकि दक्षिणी क्षेत्र में मजबूत और चौड़ी दीवार की पहचान हुई। ये अवशेष उस समय की विकसित नगरीय संरचना की ओर इशारा करते हैं।
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खुदाई और अध्ययन
ASI के पटना सर्किल के अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. हरि ओम शरण के नेतृत्व में दो स्थानों पर 8 फीट चौड़ाई और 10 फीट लंबाई के गड्ढों में 2.5 से 3 फीट तक खुदाई की गई। प्राप्त अवशेषों को पोर्ट यार्ड में सुरक्षित रखा गया है, जहां उनका गहन अध्ययन किया जा रहा है।
मिथिला की सांस्कृतिक विरासत को नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज मिथिला की प्राचीन नगरीय सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत के विस्तृत चित्र को सामने ला सकती है। स्थानीय लोगों में भी इस ऐतिहासिक खोज को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।





















