Samachar Post रिपोर्टर,जामताड़ा :देश में डिजिटल इंडिया और आधुनिकता की बातें हो रही हैं, लेकिन झारखंड के जामताड़ा जिले का आसानचुवा जोरियापार कोलपाड़ा गांव अब भी बिजली से महरूम है। स्वतंत्रता के बाद से इस गांव में बिजली नहीं पहुंची है, जिससे कई समस्याएं जन्म ले रही हैं। कभी गुलजार रहने वाला यह गांव अब धीरे-धीरे वीरान होता जा रहा है। बिजली न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। ढिबरी और लालटेन की मद्धम रोशनी में बच्चे स्कूल का होमवर्क पूरा नहीं कर पाते, जिसके कारण कई ने पढ़ाई छोड़ दी।
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पलायन की बढ़ती समस्या
ग्रामीणों के अनुसार, कुछ साल पहले तक गांव की आबादी लगभग 250–300 थी, लेकिन अब केवल 100 लोग ही बचे हैं। मूलभूत सुविधाओं के अभाव और बिजली न होने की वजह से युवा दूसरे राज्यों में जाकर मजदूरी करने को मजबूर हैं। बिजली न होने की वजह से युवाओं के वैवाहिक जीवन पर भी असर पड़ा है। बाहरी लोग बिजली रहित गांव में अपने बेटे-बेटियों की शादी करने से कतराते हैं।
सरकारी प्रयास, लेकिन नाकाफी
ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों और मंत्रियों से संपर्क किया। कुछ ठेकेदार और अधिकारी आए और बिजली के खंभे व मीटर लगाए, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी कभी करंट नहीं दौड़ा। इस डिजिटल युग में यह गांव आज भी लालटेन युग में जीने को मजबूर है।
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