Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : साइबर अपराध के लिए चर्चित जामताड़ा में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गेमिंग एप के जरिए लोगों को ठगने वाले दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
गेमिंग ऑफर के नाम पर लोगों को बनाते थे शिकार
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग एप और आकर्षक ऑफर का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें गेमिंग एप डाउनलोड करने या ऑनलाइन ऑफर का फायदा लेने के लिए प्रेरित करते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति उनके झांसे में आता, उससे निजी जानकारी हासिल करने और पैसे ट्रांसफर कराने का खेल शुरू हो जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि साइबर ठग लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं और इस बार गेमिंग एप को ठगी का माध्यम बनाया गया था।
यह भी पढ़ें:पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह के निधन पर सीएम हेमंत सोरेन ने जताया शोक, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
पुलिस ने जब्त किए 7 मोबाइल फोन
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 7 मोबाइल फोन बरामद किए। अब पुलिस इन मोबाइल फोन की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया और इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
तकनीकी निगरानी से साइबर गिरोहों पर नजर
जामताड़ा लंबे समय से साइबर अपराध को लेकर चर्चा में रहा है। हालांकि पुलिस लगातार ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान चला रही है, लेकिन साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि तकनीकी निगरानी के जरिए ऐसे गिरोहों पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान लिंक, गेमिंग ऑफर या संदिग्ध मोबाइल एप पर भरोसा न करें। बिना जांचे-परखे कोई ऐप डाउनलोड न करें और अपनी बैंकिंग या निजी जानकारी किसी के साथ साझा करने से बचें।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।