Samachar Post रिपोर्टर,पाकुड़ :पाकुड़ रेलवे स्टेशन के लिए लंबे इंतजार के बाद राहत भरी खबर सामने आई है। अब यहां शताब्दी एक्सप्रेस और न्यू जलपाईगुड़ी-चेन्नई एक्सप्रेस का ठहराव शुरू होने जा रहा है। इससे इलाके के लोगों को लंबी दूरी की यात्रा में बड़ी सुविधा मिलेगी। पाकुड़ रेलवे स्टेशन हावड़ा डिवीजन के अंतर्गत आता है और 3000 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व देने के बावजूद इसे अब तक ‘ए’ श्रेणी का दर्जा नहीं मिला है। कमाई के मामले में यह दूसरे स्थान पर है, जबकि हावड़ा रेलवे स्टेशन पहले स्थान पर है।
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आंदोलन के बाद रेलवे ने लिया एक्शन
रेल सुविधाओं की अनदेखी को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध भी हुआ। पत्थर कारोबारियों ने रैक लोडिंग बंद कर दी थी, जिससे रेलवे पर दबाव बना। इसके बाद कोलकाता में जीएम स्तर की बैठक हुई और मामला सुलझने के बाद अब ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। अब भी कई ट्रेनों का ठहराव बाकी है हालांकि अभी भी स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। एक दर्जन से ज्यादा एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं है। कोरोना काल में बंद हुई कई ट्रेनें अब तक शुरू नहीं हुई। पटना और दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन सेवा का अभाव है। यात्रियों को उम्मीद है कि भविष्य में वंदे भारत एक्सप्रेस और वंदे भारत स्लीपर जैसी आधुनिक ट्रेनों का भी ठहराव यहां मिलेगा, जिससे कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
नई रेल परियोजनाओं से बदलेगी तस्वीर, व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
रेलवे ने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं पाकुड़-गोड्डा नई रेल लाइन (भूमि अधिग्रहण जल्द), पाकुड़-सैंथिया फोर लाइन परियोजना इन परियोजनाओं के पूरा होने से ट्रेनों का दबाव कम होगा और यातायात सुगम बनेगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी का सीधा फायदा स्थानीय उद्योगों को मिलेगा। खासकर पत्थर उद्योग को नई गति मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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