RIMS-2 बनेगा एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल, झारखंड में 8 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी

Rupa Kumari | March 12, 2026 | 12:39 PM IST

Samachar Post डेस्क, रांची : झारखंड विधानसभा में स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति और आपदा प्रबंधन विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर नागरिक को सुलभ, सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को नमन करते हुए की और विपक्ष के आरोपों पर भी पलटवार किया।

इस साल शुरू होगा RIMS-2 का निर्माण

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि इस वर्ष RIMS-2 के निर्माण कार्य की शुरुआत होगी। पहले चरण में 1400 बेड और दूसरे चरण में 2600 बेड का विशाल अस्पताल परिसर बनाया जाएगा। सरकार का दावा है कि पूरा प्रोजेक्ट तैयार होने के बाद यह एशिया के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक होगा।

यह भी पढ़ें: झारखंड भाजपा में संगठनात्मक बदलाव, तीन जिलों में नए जिलाध्यक्ष नियुक्त

राज्य में खुलेंगे 8 नए मेडिकल कॉलेज

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य में आठ नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।

  • पहला चरण: जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, खूंटी और सरायकेला-खरसावां
  • दूसरा चरण: गोड्डा, साहिबगंज और लातेहार

प्रत्येक कॉलेज में 500 से अधिक अंडरग्रेजुएट और 1000 पोस्टग्रेजुएट सीटें उपलब्ध कराने की योजना है। इससे झारखंड के युवाओं को मेडिकल शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे और राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं भी मजबूत होंगी।

हाई-टेक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

मंत्री ने सभी मेडिकल कॉलेजों में एमआरआई सुविधा, 25 हाई-टेक ट्रॉमा सेंटर और 750 ‘अबुआ मेडिकल स्टोर’ खोलने की घोषणा की। इसके अलावा रांची के सदर अस्पताल में पहली बार बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू करने की योजना है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में एनीमिया जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी और सरकार का लक्ष्य 2029 तक झारखंड को एनीमिया मुक्त राज्य बनाना है। साथ ही सभी गर्भवती महिलाओं के लिए मुफ्त अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा भी दी जाएगी।

खाद्य सुरक्षा और वस्त्र योजना पर भी जानकारी

मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि राज्य में पहली बार वन-टाइम धान खरीद की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसमें अब तक लगभग 80 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो चुका है और जल्द ही 100 प्रतिशत खरीद पूरी कर ली जाएगी। इसके साथ ही धोती-साड़ी वितरण योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को वस्त्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

Share this news

संबंधित खबरें