रांची में भक्ति का महासंगम, शिव शक्ति मंदिर में शुरू हुआ पंचदिवसीय महोत्सव

Rupa Kumari | March 7, 2026 | 01:25 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : राजधानी रांची के रिंग रोड स्थित पारचुटू क्षेत्र के मंडाटांड़ (रोड नंबर-2) में बने नवनिर्मित श्री शिव शक्ति मंदिर में शनिवार, 7 मार्च 2026 से भक्ति और श्रद्धा का भव्य माहौल देखने को मिल रहा है। यहां भगवान शिव और माता शक्ति की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा और महारुद्र यज्ञ के साथ पंचदिवसीय महोत्सव का शुभारंभ हुआ। मंदिर परिसर को फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक आभा से भर गया है। हर-हर महादेव और जय माता दी के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा है।

कलश यात्रा के साथ महोत्सव की शुरुआत

महोत्सव के पहले दिन भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में सैकड़ों माताएं और बहनें पारंपरिक परिधान और पीले वस्त्र धारण कर सिर पर कलश लेकर शामिल हुईं। यात्रा के बाद भगवान को भोग अर्पित किया गया और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया। पूरे आयोजन का संचालन यज्ञाचार्य कृष्णकांत तिवारी के निर्देशन में किया जा रहा है।

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दूसरे दिन वेदी और मंडप पूजन

महोत्सव के दूसरे दिन (8 मार्च) सुबह 7 बजे से वेदी पूजन और मंडप पूजन का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान मंदिर में स्थापित सभी मूर्तियों का विधि-विधान से अधिवास कराया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण होगा।

9 मार्च को होगी प्राण प्रतिष्ठा

महोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण दिन 9 मार्च होगा। इस दिन सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे के शुभ मुहूर्त में भगवान शिव और माता शक्ति की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से प्रतिमाओं में प्राणों का संचार किया जाएगा। शाम 4 बजे से विशेष हनुमान आराधना और सुंदरकांड पाठ का आयोजन भी होगा।

10 मार्च को महारुद्राभिषेक और हवन

10 मार्च को सुबह 9 बजे से महारुद्राभिषेक और विशाल हवन का आयोजन होगा। इस दौरान विश्व शांति और जनकल्याण की कामना की जाएगी। इस अवसर पर महाभोग तैयार कर श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा।

अंतिम दिन भजन-कीर्तन और जागरण

महोत्सव का समापन 11 मार्च को भव्य भजन-कीर्तन और जागरण के साथ होगा। शाम 7 बजे से शुरू होने वाला यह कार्यक्रम पूरी रात चलेगा, जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक भगवान की महिमा का गुणगान करेंगे और श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमते नजर आएंगे।

यज्ञाचार्य ने दिया संदेश

यज्ञाचार्य पंडित कृष्णकांत तिवारी ने कहा कि ऐसे धार्मिक अनुष्ठान से वातावरण शुद्ध होता है और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं से इस पावन अवसर पर सपरिवार शामिल होकर पुण्य लाभ लेने की अपील की है।

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