Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड पुलिस मुख्यालय और जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के बीच समन्वय को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि राज्य के कई जिलों से समय पर रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी नाराज हैं। मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा मांगी गई एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट से जुड़ा है। गृह मंत्रालय ने 22 दिसंबर 2025 को सभी राज्यों से उत्तर-पूर्वी राज्यों के लोगों के खिलाफ हिंसा, दुर्व्यवहार और भेदभाव से जुड़े मामलों की जानकारी मांगी थी। साथ ही इन मामलों में की गई कार्रवाई का विवरण भी उपलब्ध कराने को कहा गया था। झारखंड पुलिस को यह रिपोर्ट 6 जून 2026 तक केंद्र सरकार को भेजनी थी। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक आंकड़े और जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।
छह रिमाइंडर के बाद भी नहीं मिली जानकारी
सूत्रों के अनुसार, निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बावजूद किसी भी जिले ने अब तक संबंधित रिपोर्ट मुख्यालय को उपलब्ध नहीं कराई है। स्थिति यह है कि पुलिस मुख्यालय की ओर से छह बार रिमाइंडर जारी किए जाने के बाद भी जिलों से अपेक्षित जानकारी नहीं मिली। इस लापरवाही के कारण मुख्यालय को केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की देरी प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।

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मुख्यालय ने जताई नाराजगी
पुलिस मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि जिलों के एसपी को मुख्यालय से जारी निर्देशों और समयसीमा का गंभीरता से पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण मामलों में देरी से न केवल विभागीय कार्य प्रभावित होते हैं, बल्कि राज्य की जवाबदेही पर भी असर पड़ता है। अधिकारियों का कहना है कि यदि समयबद्ध तरीके से रिपोर्ट नहीं भेजी गई, तो इसके परिणाम संबंधित अधिकारियों को भुगतने पड़ सकते हैं। फिलहाल पुलिस मुख्यालय जिलों से जल्द रिपोर्ट प्राप्त करने के प्रयास में जुटा हुआ है।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

