RSS कार्यालय पेट्रोल बम हमला: जांच का दायरा बढ़ा, ATS ने संभाली कमान

Rupa Kumari | June 22, 2026 | 05:05 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : राजधानी रांची के चुटिया स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने अपने हाथ में ले ली है। सोमवार को एटीएस की टीम ने घटनास्थल का दौरा कर मामले की गहन पड़ताल की और जांच के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। एटीएस अधिकारियों ने कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और घटना के समय मौजूद लोगों से पूछताछ की। टीम ने आरोपियों के संभावित आने-जाने के रास्तों की भी जानकारी जुटाई। कई घंटों तक चली जांच के दौरान घटनास्थल से जुड़े विभिन्न बिंदुओं का परीक्षण किया गया।

17 जून की रात हुई थी घटना

जानकारी के अनुसार, 17 जून की रात कुछ अज्ञात लोगों ने चुटिया स्थित RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंककर हमला किया था। घटना के बाद चुटिया थाना में मामला दर्ज किया गया और जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। रांची एसएसपी के निर्देश पर गठित एसआईटी ने जांच के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में लोहरदगा निवासी सैफ अंसारी, अमन अंसारी उर्फ गोलू और सायम सुजान शामिल हैं।

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हिरासत से भागने की कोशिश में घायल हुआ मुख्य आरोपी

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सैफ अंसारी ने हिरासत के दौरान फरार होने का प्रयास किया था। बताया गया कि शौचालय जाने के बहाने उसने वेंटिलेशन की ग्रिल और शीशा तोड़कर भागने की कोशिश की। घटना के बाद पुलिस ने पूरे जिले में अलर्ट जारी किया और बाद में मांडर थाना क्षेत्र के चामा मोड़ के पास उसे दोबारा पकड़ लिया। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने एक पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। फिलहाल उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

लखनऊ में भी बड़ी वारदात की थी योजना

जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी अमन अंसारी ने पूछताछ में खुलासा किया कि रांची की घटना के बाद लखनऊ में भी एक बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई गई थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी ट्रेन से लखनऊ जाने की तैयारी में थे, लेकिन कोडरमा के पास उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई से एक संभावित बड़ी घटना को टालने में सफलता मिली है। फिलहाल ATS और अन्य जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हमले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।

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