Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : करीब पांच वर्षों से बंद पड़ा जामताड़ा का पुराना नगर भवन आखिरकार फिर से खुल गया। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने भवन का ताला खुलवाकर उसे जेबीसी प्लस टू उच्च विद्यालय प्रबंधन को सौंप दिया। इसके साथ ही लंबे समय से चला आ रहा स्वामित्व और उपयोग से जुड़ा विवाद भी समाप्त हो गया। नगर भवन का ताला खुलने के बाद विद्यालय प्रबंधन, छात्रों और स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। लोगों का मानना है कि अब यह भवन एक बार फिर शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार नगर भवन को लेकर पिछले कई वर्षों से विवाद चल रहा था, जिसका मामला झारखंड हाईकोर्ट में लंबित था। डब्ल्यूपी (सी) संख्या 3716/2020 में सुनवाई के बाद न्यायालय ने विद्यालय के पक्ष में फैसला सुनाया। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में अनुमंडल प्रशासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने भवन का कब्जा विद्यालय प्रबंधन को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में भवन का ताला खोला गया और औपचारिक रूप से विद्यालय को सौंप दिया गया।
अधिकारियों की मौजूदगी में खुला ताला
नगर भवन का ताला खोलने की प्रक्रिया प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई। इस दौरान अंचल अधिकारी अबिश्वर मुर्मू, नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सोम खंडेत और टाउन थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। भवन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विद्यालय प्रबंधन ने प्रशासन और न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त किया।
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विद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि
भवन का कब्जा मिलने के बाद विद्यालय के प्राचार्य एबीमाइल टुडू ने इसे संस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि नगर भवन का उपयोग छात्रों के शैक्षणिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां संगोष्ठी, सेमिनार, सांस्कृतिक कार्यक्रम, छात्र गतिविधियां और अन्य शैक्षणिक आयोजन किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

स्थानीय लोगों को भी होगा फायदा
नगर भवन के दोबारा उपयोग में आने से सिर्फ विद्यालय ही नहीं, बल्कि पूरे शहर को लाभ मिलेगा। लंबे समय से बंद रहने के कारण भवन अनुपयोगी हो गया था, लेकिन अब इसके माध्यम से विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन का मार्ग प्रशस्त होगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के बीच स्थित यह भवन वर्षों से बंद पड़ा था, जिससे इसकी उपयोगिता समाप्त होती जा रही थी। अब इसके पुनः खुलने से शहर की सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी।
शिक्षा और सांस्कृतिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
करीब पांच साल के लंबे इंतजार के बाद नगर भवन का विद्यालय को मिलना जामताड़ा के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि भवन का बेहतर उपयोग कर छात्रों के लिए नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी और यह परिसर भविष्य में शिक्षा एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।
