साकची बाजार से लापता 3 वर्षीय आफरीन पश्चिम बंगाल से बरामद, निसंतान दंपती गिरफ्तार

Rupa Kumari | June 10, 2026 | 04:46 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर : साकची बाजार से बकरीद की खरीदारी के दौरान लापता हुई तीन वर्षीय बच्ची आफरीन को जमशेदपुर पुलिस ने 15 दिनों की लगातार जांच और तलाश के बाद पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले से सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने एक निसंतान पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने बच्ची के अपहरण की बात स्वीकार की है। बच्ची की सुरक्षित बरामदगी के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है, वहीं पुलिस की कार्रवाई की सराहना की जा रही है।

संतान की चाह में किया अपहरण

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के पुष्टि गांव निवासी अब्दुल जसीम उर्फ लखन (43) और उसकी पत्नी अफसाना बेगम (30) के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में दोनों ने बताया कि शादी के 10 साल बाद भी संतान नहीं होने के कारण उन्होंने साकची बाजार की भीड़ का फायदा उठाकर बच्ची का अपहरण कर लिया था। पहचान छिपाने के उद्देश्य से वे आफरीन को अपने गांव ले गए थे। जांच में पता चला कि दोनों मूल रूप से पुरुलिया के रहने वाले हैं, लेकिन वर्तमान में जमशेदपुर के मानगो स्थित ओल्ड पुरुलिया रोड क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहे थे।

CCTV और तकनीकी जांच से खुला मामला

सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि 26 मई को आफरीन अपने माता-पिता के साथ साकची बाजार में बकरीद की खरीदारी करने पहुंची थी। इसी दौरान भीड़ में वह लापता हो गई थी। घटना के बाद बच्ची के पिता मोहम्मद इम्तियाज ने साकची थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। SIT ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के दर्जनों CCTV फुटेज की जांच की, संदिग्धों से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इन उपकरणों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

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15 दिनों बाद बेटी को देखकर भावुक हुआ परिवार

करीब 15 दिनों से अपनी मासूम बेटी की तलाश में भटक रहे परिवार के लिए यह पल बेहद भावुक रहा। एक पैर से दिव्यांग पिता मोहम्मद इम्तियाज और बच्ची की मां ने अपनी बेटी को सुरक्षित वापस पाकर राहत और खुशी जताई। परिजनों ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी उम्मीदें अब टूटने लगी थीं, लेकिन पुलिस की मेहनत से उनकी बेटी सुरक्षित घर लौट आई। इस संवेदनशील मामले को सुलझाने में साकची थाना प्रभारी गोपाल कृष्ण यादव समेत पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। बच्ची की सुरक्षित बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जमशेदपुर पुलिस की कार्रवाई की व्यापक सराहना हो रही है।

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