देवघर में ACB का बड़ा एक्शन: 5000 रुपये घूस लेते मनरेगा के जूनियर इंजीनियर संतोष प्रसाद गिरफ्तार

Rupa Kumari | June 10, 2026 | 05:07 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, देवघर : भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने देवघर में बड़ी कार्रवाई करते हुए मनरेगा के एक जूनियर इंजीनियर को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान संतोष कुमार प्रसाद के रूप में हुई है, जो करौं प्रखंड की डिंडाकोली पंचायत में मनरेगा योजना के तहत जूनियर इंजीनियर (JE) के पद पर कार्यरत हैं।

फाइनल बिल पास करने के नाम पर मांगी थी रिश्वत

जानकारी के अनुसार डिंडाकोली गांव निवासी भीम कुमार राणा (29) को मनरेगा योजना के तहत उनकी निजी जमीन पर ट्रेंच सह बांध निर्माण कार्य आवंटित किया गया था। इस योजना की कुल स्वीकृत लागत 45,379 रुपये थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक योजना के तहत 41,444 रुपये का भुगतान पहले ही हो चुका था, लेकिन अंतिम बिल की राशि जारी करने के लिए जूनियर इंजीनियर संतोष प्रसाद ने 7,000 रुपये रिश्वत की मांग की। भीम कुमार राणा रिश्वत देने के पक्ष में नहीं थे। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत ACB दुमका से की। शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने मामले का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए।

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5000 रुपये लेते हुए रंगेहाथ दबोचा

सत्यापन के बाद एसीबी ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। बुधवार, 10 जून को करौं प्रखंड स्थित सरकारी आवास में संतोष प्रसाद को 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया। कार्रवाई के दौरान एसीबी टीम ने रिश्वत की राशि भी बरामद की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए अपने साथ ले जाया गया।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी है अभियान

एसीबी अधिकारियों ने बताया कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी कार्य के बदले रिश्वत मांगता है तो इसकी सूचना तत्काल एसीबी को दें। इस कार्रवाई को मनरेगा योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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