Samachar Post रिपोर्टर, रांची :नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने रांची रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 61 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। इस मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। जब्त गांजे की अनुमानित बाजार कीमत करीब 30.50 लाख रुपये बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, आरपीएफ फ्लाइंग स्क्वॉड, आरपीएफ पोस्ट रांची और आरपीएफ अपराध शाखा की संयुक्त टीम ऑपरेशन NARCOS के तहत लगातार निगरानी और चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी क्रम में 30 मई 2026 को रांची रेलवे स्टेशन पर ट्रेन संख्या 18309 संबलपुर–जम्मू तवी एक्सप्रेस की जांच की जा रही थी। जांच के दौरान अधिकारियों की नजर तीन संदिग्ध युवकों पर पड़ी।
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ट्रॉली और बैग में छिपाकर ले जाया जा रहा था गांजा
आरपीएफ टीम ने बी-3 कोच में तीन युवकों को चार ट्रॉली बैग और तीन पिट्ठू बैग के साथ संदिग्ध स्थिति में पाया। पूछताछ के दौरान उनके जवाब संदिग्ध लगे, जिसके बाद अधिकारियों ने सख्ती से जांच की। पूछताछ में युवकों ने स्वीकार किया कि उनके बैगों में प्रतिबंधित मादक पदार्थ रखा हुआ है। ट्रेन के आगे बढ़ने के बाद आरपीएफ टीम ने तीनों आरोपियों को उनके सामान सहित नामकुम रेलवे स्टेशन पर उतारा। वहां नियमानुसार तलाशी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान बैगों से कुल 61 पैकेट गांजा बरामद हुआ। जब्त मादक पदार्थ का कुल वजन 61 किलोग्राम पाया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के बक्सर जिले के निवासी आयुष सिंह (22 वर्ष), प्रिंस कुमार (21 वर्ष) और अंकित पाठक (19 वर्ष) के रूप में हुई है। आरपीएफ ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त प्रताप सिंह नेगी के निर्देशन में बरामद पदार्थ की जांच डीडी किट से की गई। परीक्षण में पुष्टि हुई कि जब्त पदार्थ गांजा है। इसके बाद सभी बरामद सामान और मादक पदार्थ को विधिवत जब्त कर लिया गया।
जीआरपी को सौंपे गए आरोपी
आरपीएफ ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर तीनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी रांची के हवाले कर दिया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि गांजा कहां से लाया गया था, इसकी आपूर्ति किस स्थान पर की जानी थी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। इस अभियान को सफल बनाने में इंस्पेक्टर शिशुपाल कुमार, इंस्पेक्टर लालबहादुर, एएसआई योगेंद्र कुमार, एएसआई अनिल कुमार, एएसआई अभिषेक कुमार, ए.जे. अंसारी, आर.के. सिंह, हेमंत और छोटे कुमार सिंह सहित कई अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आरपीएफ की इस कार्रवाई को झारखंड में नशा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
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