प्रिंस की मौत पर 32 घंटे बाद खत्म हुआ अनशन, 5 लाख मुआवजा और कार्रवाई का आश्वासन

Rupa Kumari | June 19, 2026 | 12:03 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, गोड्डा : महागामा नगर पंचायत क्षेत्र में 11 हजार वोल्ट के बिजली तार की चपेट में आने से हुई किशोर प्रिंस की मौत के विरोध में शुरू किया गया अनशन करीब 32 घंटे बाद समाप्त हो गया। प्रशासन द्वारा अनशनकारियों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने और कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद आंदोलन खत्म कराया गया। महागामा नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी, नगर अध्यक्ष, अंचलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों ने अनशनकारियों को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अनशनकारी की तबीयत बिगड़ने के बाद सक्रिय हुआ प्रशासन

अनशन के दौरान शामिल युवाओं में से आदित्य आनंद की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप किया। अधिकारियों ने अनशनकारियों के साथ वार्ता कर उनकी मांगों पर चर्चा की और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। प्रशासन ने कहा कि पार्क निर्माण कार्य और बिजली व्यवस्था में यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पार्क में खेलते समय हुआ था हादसा

जानकारी के अनुसार, 11 जून को महागामा नगर पंचायत क्षेत्र के एक निर्माणाधीन पार्क में खेलने गए दो बच्चे 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन की चपेट में आ गए थे। बताया जाता है कि पार्क का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ था, इसके बावजूद वहां सुरक्षा व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल प्रिंस की 17 जून को इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जबकि दूसरा बच्चा अब भी रांची स्थित रिम्स में उपचाराधीन है।

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परिजनों को मिलेगा 5 लाख रुपये का मुआवजा

घटना के बाद स्थानीय युवाओं और अनशनकारियों ने नगर पंचायत और बिजली विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों पर कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की थी। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि बिजली विभाग की ओर से निर्धारित सरकारी प्रावधानों के तहत मृतक प्रिंस के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल अनशन समाप्त कर दिया गया है, लेकिन स्थानीय लोग अब जांच रिपोर्ट और कार्रवाई की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ही पीड़ित परिवार को वास्तविक न्याय दिला सकती है।

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