गोड्डा सदर अस्पताल में शिक्षक की मौत के बाद हंगामा, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप

Rupa Kumari | June 8, 2026

Samachar Post रिपोर्टर, गोड्डा : जिला सदर अस्पताल में सोमवार तड़के एक शिक्षक की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मृतक के परिवार ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। घटना के बाद कुछ देर के लिए अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जिसे पुलिस के हस्तक्षेप के बाद नियंत्रित किया गया। मृतक की पहचान मेहरमा थाना क्षेत्र के हुलूकपुर गांव निवासी 48 वर्षीय आशुतोष कुमार निराला के रूप में हुई है। वह देवघर जिले के मोहनपुर प्रखंड स्थित एक विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। परिजनों के अनुसार, उनकी नियुक्ति करीब छह महीने पहले हुई थी। उनके परिवार में पत्नी, एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। अचानक हुई मौत से परिवार और गांव में शोक का माहौल है।

सीने में दर्द के बाद अस्पताल पहुंचे

परिजनों ने बताया कि रविवार शाम आशुतोष कुमार निराला के सीने में अचानक तेज दर्द उठा, जिसके बाद उन्हें मेहरमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर उन्हें देर रात गोड्डा सदर अस्पताल रेफर किया गया। परिवार के अनुसार, सुबह करीब चार बजे वे मरीज को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उनका परीक्षण किया।

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इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने उठाए सवाल

मृतक के परिजनों का आरोप है कि उपचार के दौरान एक इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई। बाद में उन्हें आईसीयू ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने इलाज में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना है कि यदि समय पर और उचित इलाज मिलता तो मरीज की जान बचाई जा सकती थी।घटना की सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और परिजनों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। काफी समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हुआ। बताया गया कि परिजन शव का पोस्टमार्टम कराए बिना उसे अपने पैतृक गांव लेकर चले गए।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं परिजनों के आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल शिक्षक की मौत और उसके बाद हुए हंगामे की चर्चा पूरे क्षेत्र में बनी हुई है।

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