जंगल में बैठकर साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे थे अपराधी, जामताड़ा पुलिस ने तीन को किया गिरफ्तार

Rupa Kumari | June 19, 2026 | 02:01 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जामताड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अंतर्राज्यीय साइबर ठगी से जुड़े तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन और 22 अवैध सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से बैंकिंग सेवाओं के नाम पर लोगों को ठगने का काम कर रहे थे। पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी अमित कुमार रविदास के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने जामताड़ा और करमाटांड़ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर कार्रवाई को अंजाम दिया।

जंगल और मैदान में बैठकर बना रहे थे ठगी की योजना

पुलिस के अनुसार, जामताड़ा थाना क्षेत्र के सुपाईडीह और शेखपुरा गांव के बीच स्थित जंगल में छापेमारी कर दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं करमाटांड़ थाना क्षेत्र के पिंडारी मैदान के पास खजूर के पेड़ के नीचे बैठकर साइबर ठगी की योजना बना रहे एक अन्य आरोपी को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सनातन दास (30), नितेश दास (22) और सिराज अंसारी (26) के रूप में हुई है। तीनों जामताड़ा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।

गूगल मैप पर बैंक का नंबर बदलकर करते थे ठगी

प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि सनातन दास और नितेश दास गूगल मैप पर बैंकों के कस्टमर केयर नंबर से छेड़छाड़ कर लोगों को ठगते थे। आरोप है कि वे यूनियन बैंक और एक्सिस बैंक की लोकेशन में दर्ज आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर हटाकर अपने मोबाइल नंबर दर्ज कर देते थे। इसके बाद जब ग्राहक गूगल से नंबर लेकर कॉल करते थे, तो आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर खाते की जानकारी, ओटीपी और अन्य गोपनीय विवरण हासिल कर लेते थे। बाद में इन्हीं जानकारियों का इस्तेमाल कर बैंक खातों से रकम निकाली जाती थी।

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बैंक अधिकारी बनकर लोगों को बनाते थे शिकार

तीसरा आरोपी सिराज अंसारी कथित तौर पर ग्राहकों को फोन कर स्वयं को बैंक अधिकारी बताता था। वह क्रेडिट कार्ड बंद होने, केवाईसी अपडेट करने या नया कार्ड सक्रिय कराने का झांसा देकर लोगों से संवेदनशील बैंकिंग जानकारी प्राप्त करता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी काफी समय से इसी तरीके से साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे और कई लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं।

9 मोबाइल और 22 अवैध सिम कार्ड जब्त

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 9 स्मार्टफोन और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जारी किए गए 22 अवैध सिम कार्ड बरामद किए हैं। जांच एजेंसियां अब बरामद मोबाइल, सिम कार्ड और डिजिटल डेटा की जांच कर रही हैं, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क का पता लगाया जा सके। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था।

कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला

इस संबंध में साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 36/26, दिनांक 18 जून 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। छापेमारी अभियान में साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल, पुलिस अवर निरीक्षक नितीश कुमार और सहायक अवर निरीक्षक हीरालाल महतो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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