Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड के चर्चित निंबू पहाड़ अवैध खनन मामले की जांच अब नई दिल्ली से संचालित होगी। केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने मामले को अपनी रांची इकाई से नई दिल्ली स्थित मुख्यालय को स्थानांतरित कर दिया है। माना जा रहा है कि केस के व्यापक दायरे और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। निंबू पहाड़ अवैध खनन मामला पिछले कई वर्षों से झारखंड में चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि खनन नियमों का उल्लंघन कर बड़े पैमाने पर पत्थर और अन्य खनिजों का अवैध उत्खनन किया गया, जिससे सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा।
दिल्ली में विशेष टीम करेगी जांच
सूत्रों के मुताबिक, अब CBI की विशेष टीम नई दिल्ली से पूरे मामले की निगरानी और जांच करेगी। एजेंसी खनन पट्टों, बैंक खातों, परिवहन रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और अन्य दस्तावेजों की विस्तृत पड़ताल करेगी। जांच के दौरान कई सरकारी अधिकारियों, कारोबारी समूहों और मामले से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ की जा सकती है।
वित्तीय नेटवर्क पर रहेगा फोकस
CBI यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित अवैध खनन से अर्जित धन का उपयोग किन माध्यमों से और कहां किया गया। इसके लिए बैंकिंग रिकॉर्ड, कंपनियों के दस्तावेज, संपत्ति संबंधी विवरण और वित्तीय लेनदेन की जांच की जाएगी। एजेंसी संभावित रूप से उन नेटवर्कों की भी पड़ताल करेगी, जिनका संबंध झारखंड से बाहर अन्य राज्यों तक हो सकता है। यह मामला पहले भी कई बार जांच एजेंसियों की कार्रवाई, छापेमारी और दस्तावेजी जांच को लेकर सुर्खियों में रहा है। विभिन्न एजेंसियां समय-समय पर इससे जुड़े पहलुओं की जांच करती रही हैं।
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बढ़ सकती हैं कई लोगों की मुश्किलें
मामले की जांच दिल्ली स्थानांतरित होने के बाद माना जा रहा है कि इसकी गति और दायरा दोनों बढ़ सकते हैं। आने वाले दिनों में कई अहम लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। हालांकि CBI की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच के अगले चरण पर अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।