झारखंड में बढ़ा हाथी-मानव संघर्ष: ईचागढ़ में महिला घायल, मनोहरपुर में दंतैल के हमले से ग्रामीण की मौत

Rupa Kumari | June 24, 2026 | 12:53 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, सरायकेला-खरसावां : झारखंड में हाथी-मानव संघर्ष की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार रात सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में हाथियों के हमले की दो अलग-अलग घटनाओं ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी। एक ओर ईचागढ़ में हाथियों के झुंड ने घर तोड़कर उत्पात मचाया, वहीं मनोहरपुर में दंतैल हाथी के हमले में एक ग्रामीण की जान चली गई। सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड के मौसाढ़ा गांव में मंगलवार देर रात हाथियों का झुंड भोजन और पानी की तलाश में आबादी वाले इलाके में पहुंच गया। हाथियों ने एक मकान की दीवार तोड़ दी और घर में रखा अनाज खा गए। दीवार गिरने से घर के अंदर सो रही एक महिला मलबे में दब गई और घायल हो गई। ग्रामीणों ने तत्काल उसे बाहर निकालकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

वन विभाग पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हाथियों का आतंक बढ़ रहा है, लेकिन विभाग की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त मकान की मरम्मत, घायल महिला के इलाज और उचित मुआवजे की मांग की है। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले भी हाथियों ने इसी इलाके में तीन घरों को नुकसान पहुंचाया था।

मनोहरपुर में दंतैल हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत

वहीं पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड के पात्थरबासा गांव के कोकलोटाला में दंतैल हाथी के हमले में 48 वर्षीय दिलेश्वर जातराम की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, दिलेश्वर मंगलवार रात करीब दो बजे शौच के लिए घर से बाहर निकले थे। अंधेरे में उन्हें पास मौजूद हाथी दिखाई नहीं दिया। इसी दौरान हाथी ने उन पर हमला कर दिया और सूंड से उठाकर कई बार पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हाथी के भय से परिजन रात में घर से बाहर नहीं निकल सके। बुधवार सुबह मृतक की पत्नी ने बाहर आकर देखा तो पति का शव घर के पास पड़ा मिला। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।

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परिजनों को मिलेगी 10 लाख रुपये की सहायता

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरकार की ओर से मृतक के परिजनों को एक लाख रुपये की तत्काल सहायता दी जाएगी। शेष नौ लाख रुपये की अनुग्रह राशि नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदान की जाएगी। वनपाल अभय कुमार ने बताया कि संबंधित दंतैल हाथी पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में विचरण कर रहा है और भोजन की तलाश में गांवों की ओर आ रहा है। वन विभाग ने ग्रामीणों से रात के समय घर से बाहर निकलते वक्त पर्याप्त रोशनी का उपयोग करने और सतर्कता बरतने की अपील की है। लगातार बढ़ रही हाथी-मानव संघर्ष की घटनाओं ने एक बार फिर वन्यजीव प्रबंधन और ग्रामीण सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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