Samachar Post रिपोर्टर, रांची :झारखंड में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने करवट ले ली है। राज्य के कई जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने 1 जून तक राज्य के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से झारखंड में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी वजह से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। राजधानी रांची में गुरुवार को अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में 0.6 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जमशेदपुर में बारिश का असर साफ दिखाई दिया। यहां अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो रांची से भी कम रहा। दूसरी ओर मेदिनीनगर में गर्मी का असर अभी बरकरार है, लेकिन वहां भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पिछले 24 घंटे में 2.8 डिग्री कम हुआ है।
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1 जून तक बारिश और तेज हवा की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 29 मई से 1 जून तक राज्य के कई जिलों में मौसम खराब रह सकता है। रांची समेत कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में और गिरावट हो सकती है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि मौसम विभाग ने लोगों को बिजली गिरने और तेज हवा के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।
केरल नहीं पहुंचा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अभी तक केरल नहीं पहुंचा है। फिलहाल मानसून अंडमान-निकोबार और केरल के बीच सक्रिय बना हुआ है। केरल के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून 29 मई से 3 जून के बीच केरल पहुंच सकता है। इसके बाद झारखंड में मानसून 14 से 17 जून के बीच दस्तक दे सकता है।
इस बार कमजोर रह सकता है मानसून
मौसम विभाग ने अल नीनो के असर का भी जिक्र किया है। विभाग के मुताबिक अल नीनो की वजह से इस बार मानसून सामान्य से थोड़ा कमजोर रह सकता है। इसका असर बारिश की मात्रा पर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल प्री-मानसून बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
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