Samachar Post डेस्क, रांची: ओडिशा को नक्सल-मुक्त घोषित किए जाने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ओडिशा पुलिस के अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया। यह समारोह जगदलपुर के बादल अकादमी मैदान में आयोजित किया गया। सम्मान समारोह में ओडिशा के डीजीपी योगेश बहादुर खुराना और एडीजी (नक्सल विरोधी अभियान) संजीव पांडा ने पूरी पुलिस फोर्स की ओर से स्मृति चिन्ह प्राप्त किया। इसके अलावा IG ऑपरेशंस दीपक कुमार, DIG अखिलेश्वर सिंह, कंधमाल एसपी हरीश बीसी, DSP संतोष साहू और DSP सुदेश कुमार बाल समेत कई अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। अमित शाह ने कहा कि ओडिशा पुलिस ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और घनिष्ठ समन्वय के साथ मिलकर माओवादी नेटवर्क को खत्म करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
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156 माओवादी हुए निष्क्रिय
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2025 से 2026 के बीच संयुक्त अभियानों में कुल 156 माओवादी कैडरों को निष्क्रिय किया गया। इनमें गिरफ्तारियां, आत्मसमर्पण और मुठभेड़ों में मारे गए नक्सली शामिल हैं। बताया गया कि 78 माओवादियों ने ओडिशा में आत्मसमर्पण किया, जबकि ओडिशा और छत्तीसगढ़ में संयुक्त ऑपरेशन के दौरान 27 नक्सली मारे गए। इनमें केंद्रीय समिति के सदस्य चलपति और गणेश उइके जैसे बड़े नाम भी शामिल थे।
अब हथियारों की बरामदगी पर फोकस
एडीजी संजीव पांडा ने कहा कि राज्य में माओवादी संगठन लगभग पूरी तरह खत्म हो चुका है और नई भर्ती भी बंद हो गई है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित पुनरुत्थान को रोकने के लिए अगले दो वर्षों तक विशेष अभियान जारी रखेंगी। इसके लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), CRPF और BSF की तैनाती जारी रहेगी।
बचे नक्सलियों के केरल भागने की आशंका
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कंधमाल के जंगलों में छिपे बचे हुए 8 से 9 माओवादी रोजगार की तलाश में केरल भाग गए हैं। ओडिशा पुलिस ने उनके फोटो और जानकारी केरल पुलिस के साथ साझा कर दी है। साथ ही रेलवे पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि माओवादियों द्वारा लूटे गए हथियारों की बरामदगी अब सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।