Samachar Post डेस्क, रांची :ग्रामीण भारत के विकास को नई दिशा देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM G Act, 2025 के लागू होने की जानकारी दी। यह नया कानून पुराने MGNREGA का उन्नत रूप माना जा रहा है। दिसंबर 2025 में संसद से पारित और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून देशभर में लागू हो चुका है। सरकार का कहना है कि यह अधिनियम ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य के अनुरूप ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। अब फोकस सिर्फ रोजगार देने पर नहीं, बल्कि स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण और बेहतर योजना पर भी होगा।
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ग्राम सभा को मिला निर्णय का अधिकार
इस कानून का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि गांव के विकास कार्यों का चयन अब पूरी तरह ग्राम सभा करेगी। पहले जहां योजनाएं ऊपर से तय होती थीं, अब स्थानीय लोग अपनी जरूरत के अनुसार सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कामों को प्राथमिकता देंगे। इससे विकेंद्रीकृत योजना और स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
रोजगार गारंटी 100 से बढ़कर 125 दिन
VB-G RAM G Act के तहत अब ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी मिलेगी, जो पहले 100 दिन थी। साथ ही कृषि सीजन के दौरान 60 दिनों का ‘पॉज’ रखा गया है, ताकि किसानों को श्रमिकों की कमी न हो और खेती का काम प्रभावित न हो। नए कानून में तकनीक के इस्तेमाल पर खास जोर दिया गया है। बायोमेट्रिक उपस्थिति, मोबाइल ऐप मॉनिटरिंग और एआई आधारित एनालिटिक्स के जरिए कामों की निगरानी होगी। मजदूरी का भुगतान भी अब तेज होगा, जिसे अधिकतम 15 दिनों के भीतर पूरा करने का प्रावधान है।
ग्रामीण विकास की नई दिशा
सरकार का मानना है कि यह कानून ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाएगा। हालांकि कुछ राज्यों ने वित्तीय बोझ को लेकर चिंता जताई है, लेकिन केंद्र का कहना है कि यह सुधार दीर्घकाल में विकास की रफ्तार को बढ़ाएंगे।
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