Samachar Post रिपोर्टर, रांची :रांची यूनिवर्सिटी में बुधवार को एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। कुलपति सरोज कुमार शर्मा खुद प्रशासनिक भवन से बाहर निकलकर आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच पहुंचीं और सीधे संवाद किया। कुलपति ने छात्रों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने छात्रों को खुलकर अपनी बात रखने का मौका दिया और उनकी शिकायतों को नोटपैड में दर्ज भी किया। छात्रों ने सेशन लेट, रिजल्ट में देरी, परीक्षा कैलेंडर की अनिश्चितता, नामांकन में दिक्कत और कॉलेजों में अव्यवस्था जैसे मुद्दे उठाए।
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लंबे समय से परेशान हैं छात्र
छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी में लंबे समय से चल रही अव्यवस्था के कारण उनका करियर प्रभावित हो रहा है। कई छात्रों ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उन्हें देरी का नुकसान उठाना पड़ रहा है। कुलपति ने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति अचानक नहीं बनी, बल्कि यह लंबे समय से चली आ रही खामियों का परिणाम है। साथ ही छात्रों से धैर्य और सहयोग बनाए रखने की अपील की।
नई पहल से बढ़ी उम्मीदें
कुलपति का इस तरह छात्रों के बीच जाकर संवाद करना एक नई और सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे छात्रों को यह भरोसा मिला है कि अब उनकी आवाज सीधे प्रशासन के शीर्ष स्तर तक पहुंच रही है। हालांकि, अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस पहल का असर जमीन पर कितना दिखेगा। फिलहाल छात्र इसे एक सकारात्मक शुरुआत मान रहे हैं और जल्द सुधार की उम्मीद कर रहे हैं।
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