झारखंड के पंचायतों को बड़ी सौगात: 15वें वित्त आयोग से 2254 करोड़ रुपये मिले

Rupa Kumari | April 1, 2026 | 10:09 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड के ग्रामीण विकास को गति देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य के 4345 पंचायतों को विकास कार्यों के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत करीब 2254 करोड़ रुपये की राशि मिली है। यह राज्य गठन के बाद अब तक की सबसे बड़ी फंडिंग मानी जा रही है।

हर पंचायत को औसतन 51 लाख से अधिक

इस राशि के अनुसार, प्रत्येक पंचायत को औसतन करीब 51.80 लाख रुपये मिलेंगे। खास बात यह है कि राज्य वित्त आयोग की ओर से भी पहली बार पंचायतों को अनुदान दिया गया है, जो ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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मंत्री ने बताया लंबी प्रक्रिया का नतीजा

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि इस फंड को हासिल करने के लिए केंद्र सरकार के साथ लंबी प्रक्रिया, लगातार पत्राचार और उच्चस्तरीय बैठकों से गुजरना पड़ा।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार फंड में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है:

  • 2021-22: 624.50 करोड़
  • 2022-23: 1271 करोड़
  • 2023-24: 1300 करोड़
  • \2024-25: 653.50 करोड़
  • 2025-26: 2254 करोड़ रुपये

किस प्रमंडल को कितना मिला

राज्य के पांच प्रमंडलों में इस राशि का वितरण किया गया है:

  • उत्तरी छोटानागपुर: 767.15 करोड़
  • संथाल परगना: 520.59 करोड़
  • दक्षिणी छोटानागपुर: 367.78 करोड़
  • कोल्हान: 300.44 करोड़
  • पलामू: 294.74 करोड़ रुपये

किन कामों में खर्च होगी राशि

इस फंड का उपयोग दो तरह से किया जाएगा:

  • टाइड फंड: पेयजल और स्वच्छता योजनाओं के लिए
  • अनटाइड फंड: गांवों की जरूरत के अनुसार अन्य विकास कार्यों के लिए

गांवों के विकास पर जोर

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने महात्मा गांधी के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि “भारत की आत्मा गांवों में बसती है” और गांवों के विकास के बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है। सरकार का मानना है कि यदि पंचायत प्रतिनिधि ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ योजनाओं को लागू करें, तो यह फंड झारखंड के गांवों की तस्वीर बदल सकता है।

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