Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड के निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। करीब 11 महीने से अधिक समय से जेल में बंद चौबे की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी। इस फैसले के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।मामला एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज कांड संख्या 11/2025 से जुड़ा है। आरोप है कि हजारीबाग में उपायुक्त रहते हुए विनय चौबे के कार्यकाल में सेवायत भूमि की अवैध खरीद-बिक्री की गई थी। इस प्रकरण में कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।
अदालत ने सुनवाई के बाद सुरक्षित रखा था फैसला
मामले में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
यह भी पढ़ें: बोकारो में 6 दिन बाद खत्म हुआ मजदूरों का धरना, विधायक जयराम महतो ने अधिकारियों को लगाई फटकार
कई अन्य आरोपी भी मामले में शामिल
इस केस में विनय चौबे के करीबी विनय सिंह, स्निग्धा सिंह, हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन सीओ शैलेश कुमार और ब्रोकर विजय सिंह समेत कुल 73 लोगों को नामजद किया गया है।
ACB ने किया जमानत का विरोध
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुमित गड़ोदिया ने जमानत का विरोध किया, जबकि विनय चौबे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.एस. मजूमदार ने पक्ष रखा। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।