झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: दो शिक्षिकाओं की नियुक्ति बहाल, डीएसई का आदेश रद्द

Rupa Kumari | June 17, 2026 | 02:55 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने डोरंडा गर्ल्स मिडिल स्कूल की दो शिक्षिकाओं सुचिता शर्मा और अर्चना कुमारी को बड़ी राहत देते हुए उनकी नियुक्ति को वैध करार दिया है। अदालत ने रांची के जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) का वह आदेश रद्द कर दिया, जिसमें उनकी नियुक्ति को मंजूरी देने से इनकार किया गया था। न्यायमूर्ति दीपक रौशन की अदालत ने स्पष्ट कहा कि दोनों शिक्षिकाओं की नियुक्ति प्रक्रिया नियमों के अनुसार पूरी की गई थी, इसलिए उन्हें सेवा में बने रहने और कार्य करने का पूरा अधिकार है।

2023 में हुई थी नियुक्ति, बाद में रोकी गई मंजूरी

मामला डोरंडा गर्ल्स मिडिल स्कूल का है, जो एक भाषाई अल्पसंख्यक संस्थान माना जाता है। यहां 29 अप्रैल 2023 को सहायक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 12 मई 2023 को दोनों शिक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र दिया गया और उन्होंने 17 मई 2023 को योगदान भी दे दिया था। लेकिन बाद में 30 जुलाई 2024 को जिला शिक्षा अधीक्षक ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों शिक्षिकाओं ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

अल्पसंख्यक संस्थान और उम्र सीमा पर विवाद

डीएसई ने दो आधारों पर नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी पहला, स्कूल को अल्पसंख्यक संस्थान न मानना और दूसरा, शिक्षिकाओं की उम्र सीमा 38 वर्ष से अधिक होना। राज्य सरकार ने भी इसी पक्ष का समर्थन किया था। हालांकि अदालत में पेश पुराने रिकॉर्ड और 2009 के दस्तावेजों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि डोरंडा गर्ल्स मिडिल स्कूल एक भाषाई अल्पसंख्यक संस्थान है। कोर्ट ने सरकार का यह तर्क खारिज कर दिया।उम्र सीमा के मुद्दे पर अदालत ने कहा कि लंबे अंतराल के बाद भर्ती होने पर नियमों के तहत छूट दी जा सकती है। साथ ही 2023 के विज्ञापन में महिलाओं के लिए अधिकतम आयु सीमा 43 वर्ष तय थी, ऐसे में दोनों शिक्षिकाएं पात्र थीं। अदालत ने कहा कि चयन प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों में बदलाव उचित नहीं है। कोर्ट ने डीएसई के निर्णय को मनमाना और अधिकारों का दुरुपयोग बताया। साथ ही कहा कि अधिकारियों की वजह से शिक्षिकाओं को बार-बार अदालत का सहारा लेना पड़ा, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

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30 दिन में नियुक्ति मंजूरी का आदेश

हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि डीएसई 30 दिनों के भीतर दोनों शिक्षिकाओं की नियुक्ति को औपचारिक मंजूरी दें। साथ ही 17 मई 2023 से सेवा लाभ देने और उसी तारीख से वेतन जारी करने का आदेश दिया गया है, हालांकि बकाया वेतन देने से इनकार किया गया। अदालत ने राज्य के सभी संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि अल्पसंख्यक विद्यालयों से जुड़े नियुक्ति मामलों का निपटारा 60 दिनों के भीतर किया जाए, ताकि भविष्य में विवाद और देरी से बचा जा सके।

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