राज्यसभा चुनाव से पहले झारखंड में सियासी हलचल तेज, क्रॉस वोटिंग पर बढ़ी नजर

Rupa Kumari | June 17, 2026 | 04:42 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। 18 जून को होने वाले मतदान से पहले सभी प्रमुख दलों ने अपने-अपने पार्टी एजेंट नियुक्त कर दिए हैं, जिससे चुनावी समीकरण और भी दिलचस्प हो गए हैं। मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा, जबकि मतगणना शाम 5 बजे शुरू होने के बाद करीब 6:30 बजे तक पहला परिणाम आने की संभावना जताई जा रही है।

एजेंट नियुक्ति से बढ़ी सियासी सतर्कता

दलवार एजेंटों की नियुक्ति के बाद यह साफ संकेत मिल रहा है कि अब विधायकों की गतिविधियों पर पार्टी नेतृत्व की सीधी नजर रहेगी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस बार क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं को रोकने के लिए दलों ने सख्त रणनीति अपनाई है। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झामुमो ने विनोद कुमार पांडेय और सुदिव्य कुमार सोनू को एजेंट नियुक्त किया है। दोनों नेता संगठन और सरकार में मजबूत पकड़ रखते हैं। वहीं कांग्रेस ने प्रदेश प्रभारी के. राजू और सांसद सिरिबेला प्रसाद को एजेंट बनाया है। भाजपा ने अमर कुमार बाउरी और विधायक नवीन जायसवाल को पार्टी एजेंट नियुक्त किया है।

क्रॉस वोटिंग पर सख्त नजर

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि इस बार क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर पार्टी नेतृत्व कड़ी कार्रवाई कर सकता है। पार्टी एजेंटों की भूमिका अब केवल निगरानी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे सीधे नेतृत्व को रिपोर्ट भी देंगे। विशेष रूप से निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के समर्थन और विरोध को लेकर भी राजनीतिक समीकरण लगातार बदलते दिख रहे हैं। माना जा रहा है कि उनकी जीत या हार काफी हद तक क्रॉस वोटिंग पर निर्भर करेगी।

यह भी पढ़ें: रांची के रिनपास में शुरू हुई हाईटेक मानसिक स्वास्थ्य सुविधा, स्वास्थ्य मंत्री ने किया DTMS सेंटर का उद्घाटन

राजनीतिक रणनीति और बढ़ी जटिलता

इस बार दलों ने अपने ही विश्वस्त नेताओं को एजेंट बनाकर विधायकों पर भरोसे और नियंत्रण दोनों का संदेश देने की कोशिश की है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदान के बाद असली तस्वीर सामने आएगी, क्योंकि बैलेट वोटिंग में क्रॉस वोटिंग की पहचान करना मुश्किल होता है।

Share this news

संबंधित खबरें