Samachar Post डेस्क, रांची :पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi आज सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की अहम बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में क्षेत्रीय हालात और उनके भारत पर पड़ने वाले प्रभावों की विस्तार से समीक्षा की जाएगी। साथ ही विभिन्न मंत्रालयों द्वारा उठाए गए कदमों का आकलन भी किया जाएगा।
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रणनीतिक और आर्थिक तैयारी पर फोकस
प्रधानमंत्री आज ही आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति और पूर्ण कैबिनेट की बैठक में भी हिस्सा लेंगे। इन बैठकों में देश की आर्थिक स्थिति, ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर न्यूनतम पड़े।
पहले भी हो चुकी है समीक्षा बैठक
इससे पहले 1 अप्रैल को भी प्रधानमंत्री ने इसी मुद्दे पर उच्चस्तरीय बैठक की थी। उस दौरान पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को देखते हुए भारत की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया था। सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हर संभावित संकट के लिए तैयारी कर रही है। बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों, विशेष रूप से गैस और रसोई ईंधन की आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही देश में बिजली उत्पादन और कोयले के भंडार की उपलब्धता पर भी चर्चा होगी, ताकि किसी तरह की कमी न होने पाए।
आम लोगों पर असर रोकने की कोशिश
सरकार का फोकस इस बात पर है कि खाद्य सामग्री, ईंधन और ऊर्जा जैसी जरूरी चीजों की आपूर्ति बाधित न हो। इसके लिए वैकल्पिक स्रोतों की पहचान, भंडारण क्षमता बढ़ाने और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। पश्चिम एशिया में हालात उस समय और गंभीर हो गए जब Iran क्षेत्र में अमेरिका और Israel की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद तनाव बढ़ गया। इस घटनाक्रम के बाद पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है, जिसका असर वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल रहा है।
अर्थव्यवस्था और कृषि पर भी नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस संकट का असर तेल की कीमतों, आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा क्षेत्र पर पड़ सकता है। भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए यह चुनौतीपूर्ण स्थिति हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार उर्वरकों की उपलब्धता और खरीफ सीजन की तैयारियों की भी समीक्षा कर रही है, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो।
तीन अहम क्षेत्रों पर सरकार का फोकस
सरकार फिलहाल खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और ईंधन आपूर्ति को प्राथमिकता दे रही है। इन क्षेत्रों में दीर्घकालिक रणनीति तैयार की जा रही है, ताकि किसी भी वैश्विक संकट का असर देश के भीतर कम से कम हो।
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