Samachar Post रिपोर्टर, धनबाद: जिले के टंडाबारी इलाके में एक बार फिर जमीन फटने की घटना सामने आई है। पहले से भू-धंसान प्रभावित इस क्षेत्र में ताजा दरारों के बाद लोगों में दहशत फैल गई है। करीब 20 दिन पहले हुए धंसान स्थल के आसपास लगभग 100 मीटर के दायरे में जमीन में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं, जिससे आसपास के करीब एक दर्जन घर प्रभावित हुए हैं। कई मकानों की दीवारों और फर्श में दरारें साफ दिखाई दे रही हैं, जिससे वहां रहना खतरे से खाली नहीं है। घटना के बाद कई परिवार जरूरी सामान निकालकर घरों से बाहर आ गए हैं। कुछ लोग खुले आसमान के नीचे और पेड़ों के नीचे रात गुजार रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें हर समय जमीन दोबारा धंसने का डर सता रहा है।
पुनर्वास का वादा अधूरा
ग्रामीणों के अनुसार, पहले भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) की ओर से इलाके का सर्वे किया गया था और घरों की नंबरिंग भी की गई थी। प्रभावित परिवारों को जल्द पुनर्वास का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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राहत कार्य बंद होने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शुरुआती दिनों में राहत कार्य शुरू हुआ था, लेकिन अब उसे बंद कर दिया गया है। इससे प्रभावित परिवारों की परेशानी और बढ़ गई है। लोगों ने प्रशासन और बीसीसीएल से जल्द सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की मांग की है। गौरतलब है कि 31 मार्च को इसी इलाके में जोरदार आवाज के साथ भू-धंसान हुआ था, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। अब उसी बस्ती में फिर जमीन फटने की घटना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो बड़ा हादसा हो सकता है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।