रांची की ‘यूनिवर्सल दीदी’ राधा दुर्लभ बॉम्बे ब्लड ग्रुप के मरीजों के लिए बनीं जीवनदाता

Rupa Kumari | March 9, 2026 | 12:07 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड की राजधानी रांची की राधा दीदी, जिन्हें लोग प्यार से “यूनिवर्सल दीदी” के नाम से जानते हैं, समाज सेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी हैं। पेशे से डाइटिशियन राधा दीदी लंबे समय से लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ स्वयं भी नियमित रूप से रक्तदान करती रही हैं।

दुर्लभ बॉम्बे ब्लड ग्रुप के मरीजों की मदद

राधा दीदी की खास पहचान झारखंड में बॉम्बे ब्लड ग्रुप जैसे अत्यंत दुर्लभ रक्त समूह के मरीजों की मदद करने को लेकर बनी है। हाल ही में रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में लगातार दस दिनों के भीतर आए बॉम्बे ब्लड ग्रुप के तीन गंभीर मामलों को भी उनके प्रयासों और संपर्कों के जरिए सफलतापूर्वक हल किया गया।

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दुनिया के सबसे दुर्लभ रक्त समूहों में एक

बॉम्बे ब्लड ग्रुप दुनिया के सबसे दुर्लभ रक्त समूहों में से एक माना जाता है। जरूरत के समय इस रक्त को उपलब्ध कराना बेहद मुश्किल होता है। इसके बावजूद राधा दीदी की मेहनत, समर्पण और मजबूत नेटवर्क की वजह से अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया, जिसमें वे मरीज को रक्त उपलब्ध कराने में असफल रही हों।

देशभर के मरीजों की भी कर चुकी हैं मदद

सिर्फ झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों में भी जब बॉम्बे ब्लड ग्रुप की जरूरत पड़ती है, तो रांची की राधा दीदी के माध्यम से कई मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया गया है। उनके प्रयासों से कई लोगों की जान बच चुकी है।

कई जिम्मेदारियों के साथ सेवा कार्य

वर्तमान में राधा दीदी कृषि भवन के केसीसी प्रोजेक्ट में कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे झारखंड सरकार की 104 मेडिकल हेल्पलाइन में भी अपनी सेवाएं दे रही हैं।

समाज के लिए प्रेरणास्रोत

राधा दीदी का समर्पण और सेवा भावना उन्हें समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत बनाती है। उनकी पहल न केवल कई लोगों की जिंदगी बचा रही है, बल्कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता भी लगातार बढ़ा रही है।

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