झारखंड : तीरंदाजों ने खेल मंत्री के सामने खेल उपकरण लेने से किया इंकार, बोलें- इस धनुष से इंटरनेशनल तो दूर लोकल भी नही खेल पाएंगे

Samachar Post | March 14, 2024 | 07:22 PM IST

Samachar Post, रांची : प्रोजेक्ट भवन स्थित एनेक्सी भवन के सभागार में खिलाड़ियों ने खेल मंत्री हफीजुल हसन के हाथों निम्नतर दर्जे की खेल सामग्री लेने से इनकार कर दिया। जैसे ही तीरंदाजी की खेल सामग्री देने के लिए खिलाड़ियों को आमंत्रित किया गया, खिलाड़ियों ने निम्नतम क्वालिटी की खेल सामग्री बता लेने से इनकार कर दिया। दरअसल, प्रोजेक्ट भवन में आवासीय खेल प्रशिक्षण के लिए नवनियुक्त प्रशिक्षकों के लिए प्रशस्ति पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया था। इसमें 14 प्रशिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया गया। इसी कार्यक्रम में खिलाड़ियों को खेल उपकरण भी दिया जाना था। इस दौरान 7 खेल के खिलाड़ियों के बीच किट का वितरण किया जाना था। उपकरण लेने वालों में तीरंदाजी के भी चार खिलाड़ियों के नाम शामिल थे। जब उन्हें तीर-धनुष पकड़ाया गया तो उन्होंने खेल मंत्री के सामने ही उसे लेने से इंकार कर दिया। कहा कि यह धनुष शुरूआती स्तर का है और सभी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं। आगे के प्रतियोगिता के लिए यह किट उनके लिए बेहतर नही है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भागीदारी में दिक्कत होगी। 

इसके बाद खेल निदेशक ने उन्हें बताया कि यह बिगनर्स धनुष है, उन्हें अभी यह संकेतिक रूप से दिया जा रहा है। जल्द ही खिलाड़ियों को बेहतर खेल उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

इन खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को मिली खेल सामग्री

तीरंदाजी : लक्ष्मी कुमारी, दिनेश मुर्मू, जीतू राम बेदिया व नाजिया परवीन।

कराटे : संतोष गोस्वामी व अलीशा केरकेट्टा।

बैडमिंटन : वैभवी और यशस्वी।

ताइक्वांडो : प्रिया घोष।

ड्रैगन बोट : संतोष कुमार, बिरसा टोप्पो, दिलेश्वर मुंडा, पूजा कश्यप, कमलेश महतो और और दिवाकर महतो।

फुटबॉल : वीना केरकेट्टा, विकसित बाड़ा, सूरज मुनि कुमारी।

एथलेटिक्स : आशु भाटिया, उपेंद्र कुमार और क्रांति महतो।

6 एक्सेलेंस सेंटर का शुभारंभ, लेकिन अबतक नहीं चुने गए खिलाड़ी और कोच

विभिन्न जिलों में 5 खेलों लिए गुरुवार को छह एक्सेलेंस सेंटर का शुभारंभ किया गया, लेकिन ताजूब की बात है कि अबतक इसके लिए मूल रूप से जरूरी खिलाड़ी और प्रशिक्षकों की तलाश नहीं हुई है। अब खिलाड़ी और प्रशिक्षकों की तलाश की जाएगी। साथ ही आवश्यक खेल उपकरण व अन्य सुविधाएं सेंटर में बहाल करने की प्रक्रिया होगी। दरअसल, बीते वर्ष सेंटर ऑफ एक्सेलेंस के लिए पूरे राज्य में चयन ट्रायल आयोजित किया गया था, जिसके माध्यम से खिलाड़ियों को चुना जाना था। खेल निदेशक सुशांत गौरव ने बताया कि उन खिलाड़ियों के साथ नए खिलाड़ियों का ट्रायल फिर से लिया जाएगा। किसी भी कारण बेहतर खिलाड़ियों को अवसर से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। जो सेंटर खुले हैं उनमें फुटबॉल – बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम (मोरहाबादी रांची) और (धनबाद), बैडमिंटन (खेलगांव रांची), हॉकी (एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम सिमडेगा), एथलेटिक्स (चंदनक्यारी) और कुश्ती (खेलगांव रांची) शामिल हैं।

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