रिम्स शिशु ओपीडी में बढ़ी भीड़, बदलते मौसम का बच्चों पर असर

Rupa Kumari | February 20, 2026 | 03:34 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : राजधानी में मौसम के अचानक बदलते मिजाज का असर सबसे ज्यादा बच्चों की सेहत पर दिख रहा है। रिम्स के शिशु रोग ओपीडी में मरीजों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रोजाना आने वाले बच्चों में सर्दी-जुकाम, बुखार, सिरदर्द और ऊपरी श्वसन संक्रमण की शिकायतें आम हो गई हैं। डॉक्टरों के अनुसार, ओपीडी में आने वाले 100 बच्चों में से लगभग 50 बच्चे मौसम जनित बीमारियों से ग्रसित मिल रहे हैं। खासकर 5 से 12 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

सुबह की ठंड, दोपहर की गर्मी का असर

रिम्स के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. उपेंद्र के मुताबिक, सुबह-शाम की ठंडी हवा बच्चों को सर्दी-जुकाम दे रही है, जबकि दोपहर की तेज धूप और गर्मी से डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि बच्चे आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स जैसी ठंडी चीजें ज्यादा ले रहे हैं, जिससे वायरल संक्रमण के मामले बढ़े हैं। पिछले एक सप्ताह में ओपीडी में मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

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फरवरी का अर्ध-शुष्क मौसम बना वजह

झारखंड में फरवरी का महीना अक्सर गर्म-ठंड के मिश्रित मौसम वाला होता है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करता है। ऐसे में अभिभावकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

बच्चों को सुरक्षित रखने के उपाय

डॉक्टरों ने अभिभावकों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है, सुबह-शाम बच्चों को स्वेटर या जैकेट पहनाएं, दोपहर में हल्के और आरामदायक कपड़े पहनाएं, आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स से परहेज कराएं, पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं, पौष्टिक और गर्म भोजन दें हल्का बुखार या सिरदर्द होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।

ओपीडी में बढ़ती भीड़, अभिभावक चिंतित

शिशु ओपीडी में बढ़ती भीड़ के कारण कई बार अभिभावकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। बदलते मौसम के इस दौर में सतर्कता, संतुलित आहार और समय पर इलाज बच्चों की सेहत के लिए बेहद जरूरी बताया जा रहा है।

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