Samachar Post रिपोर्टर, रांची : जिले में सर्पदंश के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और सांप के काटने की स्थिति में बिना समय गंवाए अस्पताल पहुंचने की अपील की है। अंतर्राष्ट्रीय सर्पदंश दिवस के अवसर पर शनिवार को सदर अस्पताल से जागरूकता रैली निकाली गई। इसमें ANMTC की छात्राओं और स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों को सर्पदंश से बचाव और समय पर इलाज के प्रति जागरूक किया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अप्रैल 2026 से अब तक रांची जिले में सांप काटने के 364 मामले सामने आए हैं। अधिकारियों ने बताया कि समय पर इलाज मिलने से सर्पदंश के गंभीर प्रभाव और इससे होने वाली मौत के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सांप काटने पर तुरंत अस्पताल ले जाएं
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने कहा कि सर्पदंश को गंभीर आपातस्थिति के तौर पर लेना चाहिए और मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना जरूरी है। वहीं, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी-2 डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि सांप काटने के बाद मरीज को शांत रखना चाहिए और प्रभावित अंग को स्थिर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि मरीज को पैदल चलाने के बजाय जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाएं। सर्पदंश की स्थिति में घाव पर चीरा लगाने, जहर चूसने या प्रभावित अंग पर कसकर कपड़ा अथवा रस्सी बांधने से बचना चाहिए।
घाव पर घरेलू दवा या रसायन लगाने से बचें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि सांप के काटने की जगह पर किसी तरह की घरेलू दवा या रसायन न लगाएं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि झाड़-फूंक के कारण इलाज में देरी करना मरीज के लिए खतरनाक हो सकता है। ऐसे मामलों में समय पर चिकित्सकीय उपचार ही सबसे जरूरी कदम है।
एक-एक मिनट है महत्वपूर्ण
जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. राजीव भूषण ने कहा कि सर्पदंश के बाद हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में मरीज को बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। जागरूकता कार्यक्रम में डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. रचित भूषण, डॉ. दिलीप पासवान, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण सिंह और हैदर अली समेत कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। विभाग ने लोगों से अपील की कि सर्पदंश की घटना होने पर घबराने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।















