रांची में बिजली व्यवस्था सुधार के लिए बड़ा कदम, पूरे शहर में अंडरग्राउंड होंगी 11 और 33 केवी लाइनें

Rupa Kumari | October 7, 2025 | 02:20 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : रांची में आंधी, बारिश और बिजली गिरने के दौरान बिजली कटौती की समस्या को दूर करने के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। इसके तहत पूरे शहर में 11 और 33 केवी ओवरहेड लाइनें भूमिगत की जाएंगी। JBVNL का कहना है कि जिन इलाकों में पहले से अंडरग्राउंड केबलिंग की गई है, वहां बिजली आपूर्ति में सुधार हुआ है और तकनीकी खराबी की घटनाएं कम हुई हैं। अब इस योजना को पूरे शहर में लागू करने के लिए सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है।

सर्वे और कार्य योजना

सर्वे के दौरान पानी, गैस, टेलीकॉम और सड़क विभाग जैसी यूटिलिटी एजेंसियों से समन्वय किया जाएगा, ताकि भविष्य में 20–30 साल तक लाइन शिफ्टिंग या तकनीकी समस्याओं की जरूरत न पड़े। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा और योजना को मंजूरी देकर कार्य आरंभ किया जाएगा। JBVNL ने कहा कि जिन क्षेत्रों में यह कार्य होगा, वहां स्थानीय लोगों से बातचीत की जाएगी ताकि काम के दौरान कोई असुविधा न हो।

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अब तक हुई प्रगति

33 केवी लाइनें – ईस्ट डिविजन 11 किमी, वेस्ट डिविजन 8 किमी, कोकर 49 किमी, सेंट्रल 54 किमी, न्यू कैपिटल 34 किमी, डोरंडा 20 किमी।

11 केवी लाइनें – रांची सदर, अरगोड़ा, हरमू, राजभवन, मोरहाबादी, कांके, नामकुम, हटिया, विधानसभा, मदर डेयरी, पंडरा, कुसई, एयरपोर्ट, आईटीआई, पुंदाग, फिरायालाल, कचहरी चौक आदि क्षेत्रों में भूमिगत कार्य हो चुका है।

भविष्य की योजना

अभी तक रांची में 75% 33 केवी लाइनें अंडरग्राउंड हो चुकी हैं, जबकि 11 केवी लाइनें मात्र 20% भूमिगत की गई हैं। JBVNL का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द शत-प्रतिशत अंडरग्राउंडिंग कार्य पूरा किया जाए, जिससे आंधी-पानी में बिजली कटौती की समस्या पूरी तरह समाप्त हो सके। JBVNL का कहना है कि यह कार्य सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए, तेजी और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाएगा, जिससे रांची के नागरिकों को स्थायी बिजली आपूर्ति का लाभ मिलेगा।

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