होटवार फ्रोजेन सीमेन बैंक में 17.14 लाख रुपये की कथित वित्तीय गड़बड़ी, पूर्व लेखापाल पर एफआईआर

Rupa Kumari | July 6, 2026 | 10:53 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : राजधानी रांची के होटवार स्थित फ्रोजेन सीमेन बैंक में सरकारी राशि के कथित गबन का मामला सामने आया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान वेतन मद से करीब 17.14 लाख रुपये की अवैध निकासी किए जाने के आरोप में खेलगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यह शिकायत बैंक के वर्तमान कृत्रिम प्रजनन पदाधिकारी डॉ. विवेक कुमार सिन्हा द्वारा दर्ज कराई गई है। मामले में तत्कालीन लिपिक सह लेखापाल मुनींद्र कुमार को मुख्य आरोपी बनाया गया है। वर्तमान में वह पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान में प्रधान लिपिक के पद से निलंबित बताए जा रहे हैं।

कुबेर पोर्टल के दुरुपयोग का आरोप

शिकायत के अनुसार, आरोपी ने ट्रेजरी के ऑनलाइन कुबेर पोर्टल का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए कई फर्जी अस्थायी (टेंपररी) आईडी बनाई और उनके माध्यम से सरकारी राशि की निकासी की। आरोप है कि इन फर्जी आईडी का उपयोग कर वेतन भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड में हेरफेर की गई और सरकारी धन का गबन किया गया।

जांच में सामने आए कई तथ्य

विभागीय जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अपने नाम के अलावा अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों के नाम पर भी कई टेंपररी आईडी तैयार की थीं। जांच रिपोर्ट के अनुसार, अपने नाम से बनाई गई एक आईडी में उन्होंने खुद को कृत्रिम प्रजनन पदाधिकारी (AIO) दर्शाते हुए उच्च वेतनमान और ग्रेड पे दर्ज किया था। वहीं अन्य कर्मचारियों के नाम पर भी अलग-अलग आईडी बनाकर वेतन संबंधी विवरण दर्ज किए गए।

पुलिस ने शुरू की जांच

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद खेलगांव थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित वित्तीय अनियमितता में अन्य लोगों की भी भूमिका थी या नहीं। पुलिस और विभागीय अधिकारी संबंधित दस्तावेजों, भुगतान रिकॉर्ड और डिजिटल एंट्री की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें: लोहरदगा के भंडरा क्षेत्र में जंगली हाथी की दस्तक, वन विभाग अलर्ट पर

कई सवालों के घेरे में वित्तीय व्यवस्था

यह मामला सरकारी संस्थानों में वित्तीय निगरानी और डिजिटल भुगतान प्रणाली की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

Share this news

संबंधित खबरें