बिहार में पहली बार हीरो एशिया पुरुष हॉकी कप, राजगीर में कल से होगा आगाज़

Rupa Kumari | August 28, 2025 | 11:54 AM IST

Samachar Post डेस्क, रांची : राजगीर बिहार पहली बार एशियाई हॉकी के सबसे बड़े टूर्नामेंट का गवाह बनने जा रहा है। हीरो एशिया पुरुष हॉकी कप 2025 का आयोजन 29 अगस्त से 7 सितंबर तक राजगीर में होगा। 10 दिनों तक चलने वाले इस महाकुंभ में एशिया की 8 टीमें खिताब की जंग लड़ेंगी। इनमें भारत, चीन, जापान, चीनी ताइपे, मलेशिया, कोरिया, कजाखस्तान और बांग्लादेश शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैदान तैयार

बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्रन शंकरण ने बताया कि राजगीर में दो जर्मन तकनीक से बने एस्ट्रोटर्फ अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैदान तैयार किए गए हैं। इन्हें अंतरराष्ट्रीय हॉकी फेडरेशन से मान्यता प्राप्त है। दोनों मैदान फ्लडलाइट और स्प्रिंकलर सिस्टम से लैस हैं।

टूर्नामेंट का शेड्यूल

  • पूल A : भारत, जापान, चीन, कजाखस्तान
  • पूल B : मलेशिया, कोरिया, बांग्लादेश, चीनी ताइपे
  • पहला मैच : 29 अगस्त, सुबह 9 बजे – मलेशिया बनाम बांग्लादेश
  • फाइनल : 7 सितंबर
  • 2 और 5 सितंबर को कोई मैच नहीं होगा।

खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए इंतजाम

सभी विदेशी टीमें राजगीर के होटलों में, जबकि भारतीय टीम खेल परिसर में ठहरेगी। खिलाड़ियों के लिए देश के स्वाद के अनुसार भोजन, एसी बस, भाषा दुभाषिया और सुरक्षा अधिकारी की व्यवस्था की गई है। स्टेडियम में चार गेट, कर्मचारियों (गेट-1), दर्शक व मीडिया (गेट-2), वीवीआईपी (गेट-3), खिलाड़ी (गेट-4)। दर्शकों के लिए 7 पार्किंग स्थल और पुलिस की विशेष तैनाती दोपहर 12 से रात 10 बजे तक।

टिकट व्यवस्था

  • प्रवेश फ्री, लेकिन टिकट बुकिंग अनिवार्य।
  • टिकट Ticketgenie ऐप से आधार कार्ड के जरिए बुक होंगे।
  • एक व्यक्ति अधिकतम 2 टिकट ले सकेगा।
  • एक टिकट पूरे दिन के मैचों के लिए मान्य होगा।

फैन पार्क और सुविधाएं

स्टेडियम की क्षमता : 5,000 दर्शक, बिहार के 38 जिलों में फैन पार्क, जहां LED स्क्रीन पर मैचों का लाइव प्रसारण होगा।स्टेडियम में फूड कोर्ट और वाशरूम की सुविधा उपलब्ध।

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खास कार्यक्रम

  • 29 अगस्त : राष्ट्रीय खेल दिवस (मेजर ध्यानचंद जन्मदिन) पर टूर्नामेंट की शुरुआत
  • 30 अगस्त : “हॉकी विद हरमनप्रीत” – भारतीय कप्तान बच्चों को देंगे ट्रेनिंग
  • 31 अगस्त : “संडे ऑन साइकिल” – खिलाड़ी और बच्चे मिलकर 5 किमी साइकिल चलाएंगे

टूर्नामेंट का मैस्कॉट ‘चांद’

इस टूर्नामेंट का मैस्कॉट ‘चांद’ मेजर ध्यानचंद को समर्पित है। शंकरण ने बताया कि ध्यानचंद रात में चांदनी में प्रैक्टिस करते थे, इसलिए उन्हें ‘चांद’ कहा जाता था।

एशिया कप का इतिहास

  • यह पुरुष हॉकी एशिया कप का 12वां संस्करण है।
  • दक्षिण कोरिया – 5 बार चैंपियन
  • भारत और पाकिस्तान – 3-3 बार विजेता
  • भारत में तीसरी बार आयोजन (1989 दिल्ली, 2007 चेन्नई, अब 2025 राजगीर)
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