लोकसभा में ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पर विशेष चर्चा आज से; प्रधानमंत्री मोदी करेंगे शुरुआत

Rupa Kumari | December 8, 2025 | 11:00 AM IST

Samachar Post डेस्क, रांची : संसद के शीतकालीन सत्र में आज से ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा शुरू होने जा रही है। लोकसभा में इस बहस की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, जिसमें गीत के इतिहास, इसके कम प्रचलित पहलुओं, स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी अहम भूमिका और आधुनिक भारत में इसकी प्रासंगिकता पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।

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1875 में बंकिमचंद्र चटर्जी ने रचा था ‘वंदे मातरम’

यह ऐतिहासिक गीत बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा लिखा गया था और पहली बार 7 नवंबर 1875 को साहित्यिक पत्रिका बंगदर्शन में प्रकाशित हुआ था। पीएम मोदी गीत के प्रभाव और राष्ट्रीय चेतना को जगाने में इसकी भूमिका पर अपने विचार रखेंगे। विपक्ष भी इस विषय पर उनके वक्तव्य का इंतजार कर रहा है। बीते महीने एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि 1937 के फैजाबाद अधिवेशन में गीत की कुछ पंक्तियाँ हटाकर “राष्ट्रगीत को खंडित” किया गया। वहीं कांग्रेस का कहना है कि यह निर्णय रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर लिया गया, ताकि सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान हो सके।

राज्यसभा में कल अमित शाह संभालेंगे मोर्चा

राज्यसभा में मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा की शुरुआत कर सकते हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लोकसभा में इस विषय पर कुल 10 घंटे की बहस होगी, जिनमें से तीन घंटे एनडीए के सदस्यों के लिए निर्धारित किए गए हैं।

सत्र से पहले ही पैदा हुआ विवाद

सत्र शुरू होने से पहले ही विवाद तब खड़ा हो गया जब राज्यसभा सचिवालय ने सलाह जारी की कि संसद के भीतर ‘वंदे मातरम’ और ‘जय हिंद’ जैसे नारे लगाने से बचा जाए, ताकि सदन की मर्यादा बनी रहे। विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाते हुए केंद्र सरकार पर “आजादी और एकता के प्रतीकों से असहज” होने का आरोप लगाया।

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